शिमला के स्वामी रामकृष्ण आश्रम में बवाल, ABVP-BJP समर्थकों ने किया पथराव, कई लोग घायल
Shimla News: स्वामी रामकृष्ण आश्रम में शनिवार 16 नवंबर की रात हिंसक झड़प हो गई। दरअसल, यहां प्रवचन सुनने के बाद भक्तों के दो गुट ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध-प्रदर्शन की सूचना पर एबीवीपी और भाजपा समर्थक भी मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। एबीवीपी और भाजपा समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया।
शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि शिमला के स्वामी रामकृष्ण आश्रम में तनाव के बाद कुछ लोग घायल हो गए, क्योंकि भक्तों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया, जो बाद में एबीवीपी और भाजपा समर्थकों के इकट्ठा होने के बाद हिंसक हो गया। एबीवीपी और भाजपा समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया।

शिलमा एसपी ने बताया कि हमने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिमला में एक मंदिर है, जिसमें स्वामी रामकृष्ण आश्रम भी बना हुआ है। आश्रम की संपत्ति और जमीन को लेकर पिछले काफी समय से विवाद कोर्ट में चल रहा है।
शनिवार देर रात ब्रह्म समाज के अनुयाई रामकृष्ण परमहंस के मंदिर में पहुंच गए और प्रवचन सुनने के बाद वहां से हटने को तैयार नहीं हुए। आश्रम के अन्दर जबरन अपना धर्म कलश स्थापित करने लग गए। तो स्वामी तिनमहिमानन्द ने इनको कलश स्थापित करने के लिए मना किया। यह नहीं माने और मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापित करने लगे।
इस दौरान किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे थे और दोनों दरवाजों पर बैठ गए। ऐसा बताया जा रहा है कि इस दौरान मौके पर एबीवीपी और बीजेपी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन देर रात करीब 1:00 बजे एक पक्ष की ओर से महिला ने दूसरी और बैठे लोगों पर कुर्सी से हमला कर दिया।
इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गमलों और पत्थरों से हमला कर दिया। इसमें अनुयायियों समेत पुलिस कर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं। जिन्हें इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, इस मामले में शिमला एसपी ने कहा कि एबीवीपी और भाजपा समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया। हमने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।












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