सुषमा स्वराज की कोशिशों के बाद तीन भारतीयों की रिहाई का रास्ता साफ
शिमला। हिमाचल के रहने वाले तीन भारतीयों को कुछ महीनों पहले नाइजिरिया में समुद्री लुटेरों की ओर से बंधक बना लिया गया था। अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मदद के बाद इन तीन युवकों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। रिहाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें अब भारत लाया जा रहा है। बता दें कि इस मामले को सबसे पहले वन इंडिया ने ही अपनी खबर में प्रमुखता से जगह दी थी व लगातार इस मामले पर अपनी पैनी नजर बनाकर रखी थी। हिमाचल के तीन युवकों की रिहाई की खबर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर आज दी और साथ ही नाइजीरिया में भारतीय दूतावास के प्रयासों की भी सराहना की है।

दरअसल, तीनों युवक हिमाचल के कांगड़ा के रहने वाले हैं और नाइजीरिया में इनके शिप को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया था, जिसमें सुशील कुमार, अजय कुमार और पंकज कुमार नाम के यह युवक भी शिप पर सवार थे और तीनों मर्चेंट नेवी के कर्मचारी हैं। युवकों के परिजनों ने बताया कि लुटेरों ने उनकी रिहाई के लिए 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। सुशील के परिजनों ने बताया कि सुशील से 31 जनवरी 2018 को बात हुई थी। इसके बाद 7 मार्च को उसके घर पर एक सेटेलाइट कॉल आई थी, जिसमें सुशील ने अपनी आपबीती घरवालों को बताई। इस कॉल के तीन दिन बाद फिर घर पर एक फोन आया जिसमें 11 मिलियन नायरा यानी 20 लाख रुपये की मांग की गई।
वहीं नाइजीरिया में लापता हुए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के तीन युवकों को ढूंढ निकालने की जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा के सांसद शांता कुमार को भेज दी। हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने मीडिया को बताया कि विदेश मंत्री ने उन्हें बताया है कि तीनों युवकों को ढूंढ लिया गया है। तीनों पूरी तरह सुरक्षित हैं, उन्होंने कहा कि परिजन अपनी की सूचना न मिलने के कारण परेशान थे। लेकिन अब सब ठीक है। इससे पहले प्रदेश के सीएम जय राम ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नाइजीरिया में बंधक बनाए गए हिमाचल के तीनों युवक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया कि नाइजीरिया में बंधक बनाए गए तीन हिमाचली युवकों सुशील कुमार, पंकज कुमार व अजय कुमार को जल्द छुड़ाया जाएगा।
सरकार ने उनकी रिहाई सुरक्षित कर ली है। उन्होंने बताया कि युवकों को खोज निकालने में नाइजिरिया में स्थित उच्चायुक्त ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि युवक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इन्हें तीन दिनों के भीतर वापस भारत पहुंचा दिया जाएगा। सीएम जयराम ठाकुर ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया है। सीएम ने कहा कि युवकों को खोज निकालने में नाइजीरिया में स्थित भारतीय दूतावास ने भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि युवक पूरी तरह सुरक्षित हैं और तीन दिन के अंदर भारत पहुंच जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के 3 बेटे जो कि मर्चैंट नेवी में काम के सिलसिले में 13 वर्षों से बाहर नौकरी करते थे, उनकी शिप को 31 जनवरी से नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों द्वारा हाईजैक कर लिया गया था। जिसमें नगरोटा सूरियां की पंचायत सुकनाड़ा के सुशील कुमार, पालमपुर की सिहोटू पंचायत के मलोग गांव के अजय कुमार और नगरोटा बगवां के उसतेहड़ गांव के पंकज कुमार को बंदी बनाकर रखा गया था। समुद्री लुटेरों ने पालमपुर के रहने वाले सुशील के घर में सेटेलाइट के जरिए फोन संपर्क किया था। लुटेरों ने परिजनों की सुशील से बात करवाई। लुटरे तीनों हिमाचलियों की रिहाई के बदले 11 मिलियन नायरा यानी करीब 20 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे थे। इसके बाद 28 मार्च को उन्होंने फिर फोन कर धमकी दी कि अगर दो दिन के अंदक फिरौती नहीं दी गई तो उनको गोली मार दी जाएगी। इसी बीच तीनों युवकों के परिजनों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सांसद शांता कुमार से उनकी रिहाई की मांग की थी। सीएम जयराम ठाकुर ने भी तीनों को छुड़ाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की थी।
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