ओह! अब तो पर्यटकों को कैंसिल करना पड़ेगा मनाली का प्लान
करीब दो हजार वाहन सड़कों पर नहीं चल रहे हैं, ऐसे में ये पर्यटकों के लिए बड़ी दिक्कत का मामला है जो पर्यटक अभी यहां मौजूद हैं वो भी सड़क पर फंसे हुए हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पर्यटक स्थल मनाली में टैक्सी ऑपरेटर की हड़ताल से सैंकड़ों वाहन फंसे हैं। वहीं बड़ी तादाद में पर्यटक भी अपने होटल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। दरअसल मंगलवार से मनाली में टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल शुरू हो गई है। जिससे करीब दो हजार वाहन सड़कों पर नहीं चल रहे हैं।

टैक्सी ऑपरेटरों ने पर्यटकों का बिगाड़ा रास्ता
यहां के टैक्सी ऑपरेटर प्रशासन के एक फैसले का विरोध कर रहे हैं। जिसके तहत प्रशासन ने रोहतांग दर्रे पर गुलाबा तक जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष राज कुमार डोगरा ने कहा कि प्रशासन की ओर से यहां बने गतिरोध को समाप्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिससे ये लोग मजबूरन हड़ताल पर जा रहे हैं।
दरअसल गुलाबा, रोहतांग दर्रे पर आता है। मनाली से ये 26 किलोमीटर दूर है। डोगरा ने बताया कि बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन की ओर से यहां बर्फबारी से हुए बंद रास्ते को अप्रैल के अंत में खोल दिया गया था। स्थानीय प्रशासन ने विश्वास दिलाया था कि मई में यहां वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। लेकिन अब प्रशासन इस प्रतिबंध को नहीं हटा रहा। प्रशासन इस प्रतिबंध को अगर हटाता है तो हम भी अपनी हड़ताल को वापस ले लेंगे।

मौज-मस्ती में पिसती रोजी-रोटी!
हड़ताल कर्मियों ने कहा कि मनाली में रोहतांग दर्रे पर बर्फबारी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों की रोजी-रोटी का यही आधार है। वाहन सड़क पर न चल पाने की वजह से हजारों लोग जो इस कारोबार से जुड़े हैं, दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। उन्होंने कहा कि गुलाबा में बर्फ पूरी तरह पिघलती जा रही है और प्रशासन से हम मांग कर रहे हैं कि कम से कम मई तक वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जाए। ताकि पर्यटक यहां बर्फ का आंनद ले सकें। लेकिन मांग को अनसुना किया जा रहा है। लिहाजा हमें अब इलाके के मिनी बस ऑपरेटरों और ऑटो ऑपरेटर भी समर्थन दे रहे हैं।

बर्फबारी हो सकती है मिस!
पीर प्रांजल की पहाड़ियों में रोहतांग दर्रा देशी और विदेशी पर्यटकों के आर्कषण का केन्द्र रहा है। यहां जून मध्य तक बर्फ का आनंद पर्यटक लेते हैं। लेकिन इस बार यहां पर्यटक भी मायूस हैं। कोलकत्ता से अपने परिवार के साथ रोहतांग घूमने आए अभिजीत चेटर्जी दो दिनों से मनाली में ही फंसे हैं। उन्होंने बताया कि हड़ताल की वजह से वो लोग रोहतांग नहीं जा पाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां आकर ही पता चला कि प्रशासन वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं दे रहा है। चेटर्जी ने प्रशासन के इस रवैए को गलत बताया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि लाहौल स्पिती तक जाने वाले लहौली लोगों और सरकारी वाहनों को ही रोहतांग से होकर गुजरने की अनुमति फिलहाल दी जा रही है।

मनाली की समस्या जल्द हो दूर!
रोहतांग दर्रा, दुनिया की सबसे ऊंची चलने वाली रोड है जहां हर साल लाखों पर्यटक इस लॉफी पहाड़ पर भ्रमण करने आते हैं। ये दर्रा समुद्र स्तर से 4,111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जहां से मनाली का शानदार दृश्य दिखाई पड़ता है। मनाली से इस दर्रे की दूरी 51 किमी. है। यहां से पहाडों, सुंदर दृश्यों वाली भूमि और ग्लेशियर का शानदार दृश्य देखा जा सकता है। इन सभी के अलावा इस पर्यटन स्थल में आकर पर्यटक ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग और स्किईंग भी कर सकते हैं।
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