हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव: पीएमओ ने की इंदु गोस्वामी की पैरवी तो मची प्रदेश की राजनिति में उथल पुथल

पीएमओ ने की इंदु गोस्वामी की पैरवी तो मची प्रदेश की राजनिति में उथल पुथल

शिमला। भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए धर्मशाला में किशन कपूर के आसुंओं का मान रख ही लिया। भाजपा ने उनकी दावेदारी पर मुहर लगाते हुये उमेश दत्त की जगह कपूर को मैदान में उतारा है। जिससे एक हद तक पार्टी में उठ रहे बगावती तेवरों को ठंडा करने में मदद मिली है। लेकिन सबसे हैरानी करने वाली प्रत्याशी इंदु गोस्वामी है। गोस्वामी, शांता कुमार के गृह क्षेत्र पालमपुर से चुनाव लड़ेंगी। इंदु की जीत सुनिश्चत करने की जिम्मेदारी भी वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार पर आन पड़ी है। इंदु गोस्वामी ही टिकट की एक ऐसी दावेदार रही, जिनकी वजह से दूसरी महिला नेताओं को भी भाजपा ने टिकट दिया है। इंदु गोस्वामी का नाम अचानक पीएमओ से आया। जिसकी वजह से प्रदेश की राजनिति में उथल पुथल मच गई। इससे पहले तो प्रदेश नेतृत्व उन्हें मैदान में उतारने के बारे में विचार ही नहीं कर पा रहा था। इंदु प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। इंदू कांगड़ा जिला के बैजनाथ की निवासी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पूछी थी ये बात

प्रधानमंत्री मोदी ने पूछी थी ये बात

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात रवाना होने से पहले जब प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में शिरकत की, तो सबसे पहले उन्होंने यही जानना चाहा कि प्रदेश में कितनी महिलाओं को टिकट दिया जा रहा है। लेकिन प्रदेश नेतृत्व लाचार दिखाई दिया। इसी सवाल की वजह से भाजपा की लिस्ट अटकी। लिस्ट तब जारी हुई, जब महिला उम्मीदवारों के टिकट तय कर दिये गये।

इंदु गोस्वामी का नाम पीएमओ से आया

इंदु गोस्वामी का नाम पीएमओ से आया

इंदु गोस्वामी का नाम पीएमओ से आया, तो दूसरी महिलाओं की भी लॉटरी लग गई। तय किया गया कि महिलाओं को पार्टी ज्यादा टिकट देगी। बहरहाल, बुधवार शाम को पार्टी हाईकमान से प्रत्याशियों के नाम का ऐलान करते हुए फाइनल लिस्ट जारी कर दी। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में प्रदेश के दिग्गज नेता पार्टी हाईकमान के साथ प्रत्याशियों के चयन को लेकर लगातार मंथन कर रहे थे।

भाजपा के कुछ नेताओं के तेवर भी बागी

भाजपा के कुछ नेताओं के तेवर भी बागी

सोशल मीडिया में लगातार जारी हो रही लिस्ट के भाजपा के कुछ नेताओं के तेवर भी बागी हो गए थे। विरोध करने वालों में धर्मशाला के पार्टी के पुराने नेता किशन कपूर का नाम सबसे पहले शामिल था। प्रदेश में टिकट आवंटन को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मिलने पहुंचे।

शांता से हुई मुलाकात

शांता से हुई मुलाकात

पालमपुर में शांता कुमार से मुलाकात के बाद नड्डा ने सुजानपुर में धूमल के साथ बैठक की। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब 1 घंटे बातचीत हुई। बैठक के बाद नड्डा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए टिकटों में कुछ फेरबदल किया गया है। उन्होंने ऐलान किया कि अब मैं भी चुनाव प्रचार में जुट रहा हूं। धूमल से मिलने के बाद नड्डा बिलासपुर के लिए रवाना हो गए।

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