हिमाचल में BJP के बागी कृपाल परमार कौन हैं? जो 'PM के कॉल' पर भी नहीं माने

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा को सिर्फ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे विरोधी दलों का ही सामना नहीं करना पड़ा है। करीब-करीब हर दूसरी सीट पर बागी उम्मीदवार भी सत्ताधारी दल को टेंशन दे रहे हैं। आलम ये है कि एक बागी को समझाने-बुझाने के लिए खुद पीएम मोदी ने भी मोर्चा संभाला है, लेकिन बात नहीं बन पाई। इस खबर की प्रधानमंत्री कार्यालय या भाजपा से आधिकारिक पुष्टि तो नहीं कराई जा सकी है, लेकिन एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तरफ भाजपा के बागी नेता कृपाल हैं और दूसरी ओर की आवाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने के दावे किए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर कृपाल परमार को पार्टी से ऐसी क्या खुन्नस हो गई है कि पीएम मोदी को भगवान मानते हुए भी मैदान से हटने के लिए राजी नहीं हो रहे।

भाजपा से बागी हो गए हैं कृपाल परमार

भाजपा से बागी हो गए हैं कृपाल परमार

हिमाचल प्रदेश में चुनाव पूर्व हुए कुछ सर्वे में बीजेपी की सत्ता में वापसी की संभावनाएं तो दिखाई जा रही हैं, लेकिन पार्टी में बगावत पूरे देश की सुर्खियां बन चुकी हैं। एक वायरल वीडियो के जरिए रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पार्टी की अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दखल देने की कोशिश की है, लेकिन बात बनती दिख नहीं रही है। जिनका पीएम मोदी के साथ कथित फोन कॉल का वीडियो वायरल हो रहा है, वह कृपाल परमार हैं। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने पीएम मोदी के कहने पर भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में डटे रहने का दावा किया है।

कृपाल परमार कौन हैं ?

कृपाल परमार कौन हैं ?

कृपाल परमार भाजपा के पूर्व सांसद हैं। 12 नवंबर को होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह प्रदेश की फतेहपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। 63 वर्षीय परमार की नाराजगी भाजपा के साथ पिछले साल ही शुरू हो गई थी, जब पार्टी ने उन्हें इसी सीट पर उपचुनाव में टिकट नहीं दिया था। वो अपनी नाराजगी के लिए अपने स्कूली दोस्त और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दोष देते हैं। उन्होंने कहा है कि 'नड्डा जी ने 15 साल तक मेरा अपमान किया।' यही बात उनकी ओर से उस फोन कॉल में भी कहने का दावा किया जा रहा है, जो कथित तौर पर उनकी पीएम मोदी के साथ हुई थी। हालांकि, इसकी पुष्टि ना तो आधिकारिक तौर पर बीजेपी ने की है और ना ही पीएमओ ने।

परमार ने नड्डा पर अपमान का लगाया है आरोप

परमार ने नड्डा पर अपमान का लगाया है आरोप

परमार ने कहा है, 'मैं लड़ाई में हूं, भाजपा का आधिकारी उम्मीदवार नहीं। यहां मेरे और कांग्रेस के उम्मीदवार के बीच में लड़ाई है।' स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी जिस राज्य में परंपरा बदलकर सत्ता में वापसी की उम्मीदें पाले हुए है, वहां वह अभी सिर्फ कांग्रेस से नहीं अपने बागियों से भी लड़ रही है। मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि प्रधानमंत्री को अपने एक पूर्व सहयोगी से बातचीत करनी पड़ी है। कथित तौर पर पीएम मोदी से परमार कहते हुए सुने जा रहे हैं- 'मोदी जी, नड्डा जी ने 15 साल तक मुझे अपमानित किया है।'

मैं पीएम को अपना भगवान मानता हूं-कृपाल परमार

मैं पीएम को अपना भगवान मानता हूं-कृपाल परमार

दूसरी तरह से आ रही आवाज ने परमार से सवाल किया कि 'क्या आपके जीवन में मोदी का कोई रोल है.......' इसपर परमार जवाब देते हैं कि 'बहुत रोल है....' दूसरी तरह से कहा जाता है, 'इस फोन कॉल के महत्व को कम मत समझिए...' परमार जवाब देते हैं.....'मैं कम नहीं समझता....' परमार ने टीवी चैनल पर दावा किया है कि सही में दूसरी तरफ पीएम मोदी ही थे, जिन्होंने 30 अक्टूबर को उन्हें फोन किया था। पीएम मोदी और अपने संबंधों के बारे में वे कहते हैं, 'हम एक-दूसरे को 25 वर्षों से जानते हैं। जब वे हिमाचल प्रदेश का इंचार्ज होते थे और मैं उपाध्यक्ष था, हम लोगों ने काफी यात्राएं कीं और साथ ही ठहरे। मेरा उनके साथ पारिवारिक संबंध है। मैं उन्हें अपना भगवान मानता हूं।'

पीएम को देर से बताना भी साजिश का हिस्सा-परमार

पीएम को देर से बताना भी साजिश का हिस्सा-परमार

पीएम मोदी के कॉल आने के बाद भी चुनाव मैदान से नहीं हटने के बारे में परमार ने सफाई दी कि 'मैं अभी भी चुनाव लड़ रहा हूं। मैंने मोदी जी से कहा कि यदि आप एक दिन पहले कॉल किए होते, एक सेकेंड पहले भी तो मैं वापस ले लेता। उन्होंने कहा कि उन्हें उसी दिन बताया गया था। उन्हें देर से बताया गया था, यह भी एक साजिश का हिस्सा है।' उनका इशारा नड्डा की ओर था, हालांकि वह उन्हें अपने बचपन का मित्र बताते हैं।

'मुझे उम्मीदवार के रूप में उतारना बंद कर दिया'

'मुझे उम्मीदवार के रूप में उतारना बंद कर दिया'

वो बोले- 'मैं नहीं जानता कि 2017 में क्या हुआ था। मुझे किसी ने नहीं बताया कि क्या हुआ था। उन्होंने मुझे उम्मीदवार के रूप में उतारना बंद कर दिया। पार्टी में लोगों ने मेरा मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। ' 12 नवंबर को हो रहे चुनाव में हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ करीब 30 बागी चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी। (कुछ तस्वीरें सौजन्य: ट्विटर वीडियो)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+