कोटखाई केस: आईजी जैदी समेत सभी पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस के आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के मामले में गिरफ्तार चल रहे आईजी एच. जहूर जैदी सहित अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 15 नवम्बर तक बढ़ गई है। कोटखाई पुलिस स्टेशन के लॉकअप में हुई आरोपी सूरज की हत्या के मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। इसी कड़ी में मामले की सुनवाई करते अदालत ने आई.जी., डी.एस.पी. सहित 8 पुलिस कर्मचाारियों को फिर से ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजने के आदेश सुनाए, ऐसे में अब सभी आरोपियों को 15 नवम्बर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सीबीआई ने पुलिस लॉकअप हत्या मामले में बीते 29 अगस्त को एसआईटी के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को कंडा जेल में रखा गया है। गुड़िया प्रकरण में गिरफ्तार एक आरोपी सूरज की बीते 18 जुलाई की रात को कोटखाई थाने में हत्या हो गई थी। इस मामले में सीबीआई ने उक्त पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया है।
वॉयस टैस्ट कराने की तैयारियों में सीबीआई
लॉकअप हत्याकांड मामले में गिरफ्तार चल रहे सभी आरोपियों के सीबीआई वॉयस टैस्ट कराने की तैयारियों में है। इसी कड़ी में सीबीआई ने अदालत में दरख्वास्त दायर की है, जिसका जवाब आरोपी 15 नवम्बर को न्यायालय में दायर करेंगे। सीबीआई को उम्मीद है कि वॉयस टेस्ट से गुड़िया केस में काफी मदद मिल सकती है।
सीबीआई ने इन्हें किया गिरफ्तार
लॉकअप हत्याकांड मामले में सीबीआई ने एसआईटी के मुखिया आईजी एच जहूर जैदी, पूर्व डीएसपी मनोज जोशी, एसएचओ राजेंद्र सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, कांस्टेबल रंजीत सिंह, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल और रफीक अली को गिरफ्तार किया था। उक्त सभी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी निलंबित चल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications