Lok Sabha Elections: कांग्रेस के 6 बागी विधायक BJP में होंगे शामिल? अमित शाह से मुलाकात के बाद बदले समीकरण

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी भूचाल आया हुआ है। राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की वजह से सत्ता में होने के बाद भी मिली हार से कांग्रेस में बौखलाहट है। अब ऐसी जानकरी निकल कर सामने आ रही है कि कांग्रेस के बागी विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं।

कांग्रेस के 6 बागी विधायकों से गुरुवार की शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुलाकात की। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस के बागी विधायक बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं। सभी ने अपनी अयोग्यता के खिलाफ SC में दायर याचिका को भी वापस ले सकते हैं।
यह भी देखें: कौन है भाजपा के बागी नारायण त्रिपाठी? सपा, कांग्रेस, बीजेपी के बाद अब BSP से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

Himachal Pradesh

राज्य विधानसभा से तीन निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा दिया है। सभी बीजेपी में शामिल होंगे।हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, "हमें उनके इस्तीफे मिल गए हैं लेकिन हम इसके लिए नियमों और संवैधानिक प्रावधानों की जांच कर रहे हैं, अभी तक हमने उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं।"

जयराम ठाकुर ने बागी विधायकों पर क्या कहा था?
शिमला में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा पूरा मान-सम्मान देगी। जयराम बोले, "बागियों को उपचुनाव में टिकट देने पर पार्टी हाईकमान फैसला लेगा।"

इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस के बागियों को टिकट देने पर भाजपा का कैडर नाराज हो जाएगा तो जयराम ने कहा, "भाजपा का कैडर नाराज नहीं होता है। यह हमारे घर का मामला है और हम इसे देख लेंगे। कांग्रेस के बागियों ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत में उनके योगदान को देखते हुए सही निर्णय लिया जाएगा।"
यह भी देखें: पहले टिकट लौटाया फिर रोहन गुप्ता ने छोड़ दी कांग्रेस पार्टी, कहा- 'वरिष्ठ नेता अपमान और चरित्र हनन कर रहे थे'

क्यों याचिका को वापस लेने पर हो रहा विचार?
मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के छह पूर्व विधायक सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस लेने पर विचार कर रहे हैं जिसमें उन्होंने विधानसभा से अयोग्य ठहराए जाने के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष के आदेश को चुनौती दी है।

पूर्व विधायकों के करीबी एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि अदालत से याचिका वापस लेने का कदम उठाया जा रहा है क्योंकि वे 1 जून को होने वाले विधानसभा उपचुनाव उन सीटों से लड़ना चाहते हैं जो उनकी अयोग्यता के बाद खाली हो गई हैं।

शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को 6 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। 18 मार्च को, अदालत ने उन विधायकों को अयोग्य ठहराने के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिन्होंने पहाड़ी राज्य में हाल के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉफिस को नोटिस जारी किया था और चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि उनकी याचिका पर फैसला आने तक अयोग्य विधायकों को मतदान करने या विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह भी देखें: सीकर लोकसभा सीट: मुकाबला स्‍वामी सुमेधानंद vs अमराराम, CPIM से कांग्रेस गठबंधन की वजह क्‍या है?

चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा 16 मार्च को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, छह विधायकों की अयोग्यता के बाद खाली हुए धर्मशाला, सुजानपुर, लाहौल और स्पीति, बड़सर, गगरेट और कुटलेहड़ विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। 29 फरवरी को एक संवाददाता सम्मेलन में छह विधायकों की अयोग्यता की घोषणा करते हुए, अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया गया था क्योंकि उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था। उन्होंने फैसला सुनाया कि वे तत्काल प्रभाव से सदन के सदस्य नहीं रहेंगे।

अध्यक्ष ने कहा कि छह विधायकों ने उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बजट पर मतदान के दौरान सदन से अनुपस्थित रहे। उन्हें व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से व्हिप का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किया गया था और सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 15 भाजपा विधायकों को निलंबित करने के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने ध्वनि मत से वित्त विधेयक पारित कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने सत्र स्थगित कर दिया।

अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने और "आया राम, गया राम" जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित निर्णय देना आवश्यक है। अध्यक्ष ने कहा कि इस फैसले का राज्यसभा चुनाव में इन विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग से कोई संबंध नहीं है।
यह भी देखें: Congress: कमजोर हो चुकी कांग्रेस ने अब लोकतंत्र पर निकाली भड़ास

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+