Himachal Weather: हिमाचल का 9 जून तक खराब रहेगा मौसम, IMD ने बारिश के आसार जताते हुए जारी किया येलो अलर्ट
himachal weather news: हिमाचल प्रदेश में 9 जून तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। साथ ही, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है।

himachal weather news: पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 6 जून को हिमाचल प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। मौसम विभाग ने 9 जून तक तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि सूबे के मध्य एवं उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम खराब रहेगा।
इससे पहले मौसम विभाग ने 4 जून तक बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया था। प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया था और लोगों की दुश्वारियां को बढ़ा दिया। बता दें कि प्रदेश में अभी प्री मानसून नहीं आया है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में आंधी और बारिश हो रही है।
इस बीच मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए 20 जून के बाद हिमाचल प्रदेश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश में मानसून 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 9 जून तक कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी की संभावना जताई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौसम विभाग की तरफ से जारी वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में 9 जून तक मौसम खराब रहेगा। इन इलाकों में हल्की बारिश से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बर्फबरी की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विभाग वेदर बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि मौसम का असर मैदानी इलाकों पर ज्यादा नजर नहीं आएगा। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। बता दें कि सोमवार रात शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। मई माह में लगातार आंधी वर्षा के कारण दिसंबर जैसी ठंड मई और जून में दर्ज की जा रही है।
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जून माह में सामान्य से तीन से चार डिग्री कम तापमान दर्ज किया जा रहा है। प्रदेश में मई माह में आंधी और ओलावृष्टि के साथ वर्षा के कारण सेब सहित अन्य फलों को नुकसान हुआ है। मौसम के रुख में आए बदलाव के बाद तापमान में गिरावट से भी सेब की फसल को भारी नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
कुल्लू जिला की पांच पंचायतों में ओलावृष्टि के कारण सबसे अधिक नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले ही आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि के कारण 40 प्रतिशत से अधिक फसलों का नुकसान हो चुका है। यही नहीं सेब, प्लम खुबानी में फल आने के दौरान आंधी व ओलावृष्टि के कारण बहुत नुकसान हुआ है।












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