Himachal में मॉनसून ने मचाई भारी तबाही, अभी तक 255 लोगों की गई जान, 6807 करोड़ का हुआ नुकसान
Himachal Weather Latest Update News In Hindi: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मॉनसून वापस लौट आया है, जिस वजह से भारी बारिश और भूस्खलन ने प्रदेश में कहर बरपाया हुआ है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से नेशनल हाईवे समेत 303 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं।
वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन और शिमला जिले में आज यानी रविवार 13 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं, सोमवार 14 अगस्त को येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है।

बता दें कि बारिश और भूस्खलन के चलते चट्टानें गिरने से मंडी-मनाली नेशनल हाईवे 6 मील तथा 9 मील के पास बंद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण शिमला जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम के सुंदरनगर डिपो की बस मंडी-शिमला राजमार्ग पर कांगो के पास सड़क मार्ग धंसने से करीब 50 फीट नीचे ढांक में जा लुढ़की।
हादसे के वक्त बस में 12 यात्री मौजूद थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस हादसे में 4 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, 8 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। हिमाचल सड़क परिवहन निगम द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सभी घायल यात्रियों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जून से चालू मॉनसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में अब तक 255 लोगों की मौत हो चुकी है। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा, लगातार भारी बारिश के कारण सड़कें धंस गईं, इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुआ और नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ गया।
उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट पर रहने और अस्पतालों को तैयार रहने की सलाह देने का निर्देश दिया है। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, भूस्खलन के कारण मंडी और पंडोह के बीच मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध होने से कुल्लू-मनाली क्षेत्र कट गए।
इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए घाटी में लोगों को अपने घरों तक ही सीमित रहने की सलाह दी है। चक्की मोड़ पर ताजा भूस्खलन के बाद शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग कई घंटों तक अवरुद्ध रहा और दोपहर में इसे हल्के वाहनों के लिए आंशिक रूप से खोल दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में कम से कम 302 सड़कें बंद हैं और 24 जून से जारी मानसून सीजन के दौरान बारिश से संबंधित घटनाओं (146) और सड़क दुर्घटनाओं (109) में अब तक 255 लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, राज्य को 6807 करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ है।
भूस्खलन के कारण श्री नैनादेवी मंदिर की सड़क भी अवरुद्ध हो गई। इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने लोगों मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। वहीं, भारी बारिश के बाद सोलन जिले के नालागढ़ इलाके में बड़ा भूस्खलन हुआ और शुक्रवार रात करीब 600 साल पुराने नालागढ़ किले के चार कमरे ढह गए।
हिमाचल प्रदेश के चंद राजवंश के राजा बिक्रम चंद ने 1421 ईस्वी में किले का निर्माण किया था और वर्तमान में इसे तत्कालीन शाही परिवार द्वारा एक रिसॉर्ट में बदल दिया गया है।












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