हिमाचल प्रदेश में 4 नेशनल हाईवे समेत सैकड़ों रास्ते बंद, सेब बगीचों में फंसा
हिमाचल प्रदेश में जिस तरह से भारी बारिश की वजह से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं उसकी वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें खराब होने की वजह से एक तरफ जहां गाड़ियों का आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है तो दूसरी तरफ फल और सब्जियों को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश और भूस्खलन के चलते अभी तक के नुकसान की बात करें तो 8468.25 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 139 लोगों की भूस्खलन और बादल फटने से मौत हो गई है। प्रदेश के चार नेशनल हाईवे बंद हैं, साथ ही 729 अन्य सड़कें भी बंद हैं।

प्रदेश में मंडी जोन में 282 सड़कें, शिमला जोन में 229, हमीरपुर जोन में 125, कांगड़ा जोन में 89 सड़कें बंद हैं जिसकी वजह से गाड़ियों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। इन रास्तों के बंद होने की वजह से बागों से सब्जियां और फल पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही है।
कुल्लू जिले की बात करें तो यहा सेब की बागबानी करने वालों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। बजौरा से कटोला सड़क मार्ग से गाड़ियों को बाहर भेजा जा रहा था, लेकिन इस सड़क के खराब हो जाने की वजह से यह रास्ता भी बंद हो गया है। जिसकी वजह से सब्जी और फल को भेजने में काफी दिक्कत हो रही है।
अगस्त के महीने की बात करें तो इस महीने तक तकरीबन 50 फीसदी सेब का सीजन पूरा हो जाता था, लेकिन अभी तक सिर्फ 30 फीसदी ही ही सेब की फसल हो सकी है। खराब मौसम की वजह से पांच दिन के लिए मंडियों को बंद कर दिया गया था।
कुल्लू में सेब का दाम 100-140 रुपए प्रति किलोग्राम था, लेकिन खराब मौसम की वजह से सेब के दाम नीचे गिर गए हैं और अब यह 60-80 रुपए प्रति किलोग्राम हो गए हैं। बार-बार बारिश की वजह से सेब की फसल पर इसका असर देखने को मिल रहा है। सेब का रंग काला रंग चढ़ने लगा है, जिसकी वजह से सेब के दाम कम हो रहे हैं।












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