हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 11 हुई, लापता लोगों की तलाश जारी
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। मंडी जिले में दो और शव मिले, जिससे लापता लोगों की कुल संख्या 40 से अधिक हो गई।
31 जुलाई की रात को कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल में बादल फटने की घटनाएं हुईं।

ड्रोन और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव अभियान जारी है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड सहित विभिन्न टीमों के कुल 410 बचावकर्मी खोज प्रयासों में शामिल हैं।
राहत उपायों की घोषणा
राज्य सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल 50,000 रुपये और अगले तीन महीनों तक किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक मिलेंगे। इसके अलावा, उन्हें गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जाएंगी ताकि वे बाद की स्थिति से निपट सकें।
अकेले रामपुर उपखंड के सरपारा ग्राम पंचायत के समेज गांव में 30 से ज़्यादा लोग लापता हैं। जलस्तर कम होने के कारण बचाव कार्यों में सहायता के लिए और मशीनें लगाई गई हैं।
मानसून का कहर
हिमाचल प्रदेश में 27 जून से शुरू हुए मानसून सीजन ने काफी नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 79 लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं के कारण 3 अगस्त तक 662 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का अनुमान है।
सभी लापता व्यक्तियों को जल्द से जल्द खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल प्रभावित परिवारों को कुछ राहत पहुंचाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं तथा इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।












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