हिमाचल CM से मिलने पहुंचीं प्रतिभा सिंह, सुक्खू ने किया कुछ ऐसा कि ठहाकों से गूंज उठा सचिवालय
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर सोमवार को सुखविंदर सिंह सिक्खू ने पदभार किया। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा किया कि पूरा सचिवालय ठहाकों से गूंज उठा।

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सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री बने हैं। सोमवार को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान उन्होंने एक ऐसा दिल जितने वाला काम किया, जिसे जानकर आप भी उनकी तारीफ करेंगे। क्योंकि अक्सर हम देखते हैं कि बड़े पदों पर पहुंचने के बाद लोगों का व्यवहार बदल जाता है। लेकिन कुछ लोग होते हैं, जिनका स्वाभाव और आदर अपनों से बड़ों और छोटों के लिए बना रहता है। सुखविंदर सिंह सिक्खू ने जो किया है, वह राजनीति में अक्सर बहुत ही कम देखने को मिलता है।
दरअसल, सोमवार को दोपहर 12 बजे जब सुक्खू ने पदभार ग्रहण किया, उस दौरान उनसे मिलने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह भी मिलने पहुंचीं। इस मौके पर उन्होंने सुक्खू को गुलदस्ता भेंट करने के लिए उठाया। लेकिन जैसे ही वह गुलदस्ता उठातीं, वैसे ही सुक्खू ने रोक दिया और कहा कि वह उन्हें खुद गुलदस्ता भेंट करेंगे। सुक्खू ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं कांग्रेस का मुख्यमंत्री हूं और मुख्यमंत्री का पद कांग्रेस अध्यक्ष के अंडर आता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं विधायकों का मुख्यमंत्री हूं, लेकिन उनकी सदस्य आप हो। मुख्यमंत्री सुक्खू की बात सुनकर वहां पर मौजूद लोग हंसने लगे। वहीं, प्रतिभा सिंह भी खुद की हंसी नहीं रोक पाईं।
मुख्यमंत्री के चुनाव में कांग्रेस को करनी पड़ी थी कड़ी मशक्त
हिमाचल प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुल 40 सीटों मिली हैं। जबकि पिछले बार चुनाव जीतकर सरकार बनाने वाली भाजपा को यहां पर सिर्फ 25 सीटें ही मिली हैं। हालांकि, बहुमत मिलने के बाद भी कांग्रेस को यहां पर मुख्यमंत्री के चेहरे का चुनाव करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। क्योंकि प्रतिभा सिंह के समर्थक उन्हें मुख्मयंत्री बनाने की मांग कर रहे थे। लेकिन आखिरी में कांग्रेस आलाकमान ने सुक्खू पर भरोसा जताया और उन्होंने राज्य का बागडोर सौंपी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत कांग्रेस के लिए किसी मलहम से कम नहीं?
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत कांग्रेस के लिए किसी मलहम से कम नहीं है। क्योंकि पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव में बुरी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को यहां पर 20 से भी कम सीटें मिली हुईं हैं। वहीं, भाजपा ने अब तक की जीत का रिकॉर्ड बना दिया है। पार्टी को कुल 156 सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा दिल्ली एमसीडी का चुनाव भी पार्टी के लिए अच्छा नहीं रहा है। पार्टी को यहां पर ज्यादा सीटें नहीं मिल पाई है।
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