सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हिमाचल कांग्रेस के 6 बागी विधायक, अयोग्य करार देने के स्पीकर के फैसले को दी चुनौती
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उठा बवंडर अभी खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस के 6 बागी विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इन विधायकों ने स्पीकर के अयोग्य करार देने के फैसले को चुनौती दी है। स्पीकर ने विधानसभा में बजट के दौरान अनुपस्थित रहने के आधार पर इन विधायकों को अयोग्य करार दिया था।
बागी विधायकों ने स्पीकर के इस फैसले को गलत ठहराते हुए रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस के इन विधायकों में सुधीर शर्मा, राजिंदर राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो और चैतन्य शर्मा शामिल है।

आपको बता दें कि पिछले दिनों विधानसभा में कटौती प्रस्ताव और वित्त विधेयक पर मतदान से अनुपस्थित रहने को लेकर स्पीकर ने सदन से इन सभी 6 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। इन सभी बागी विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग किया था, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को करारी हार मिली थी और बीजेपी के हर्ष महाजन जीतने में सफल हो गए थे।
आपको बता दें कि हिमाचल से राज्यसभा के लिए हुए एकमात्र सीट पर चुनाव में भाजपा ने 25 विधायकों के साथ अल्पमत में रहने के बावजूद जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों को 34-34 वोट मिले थे। बाद में पर्ची के आधार पर जीत का फैसला किया गया।
गिर जाएगी सरकार?
इस बीच मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया है कि कांग्रेस के 80 प्रतिशत विधायक एकसाथ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मामूली बातों को लेकर नाराज हैं। सीएम ने कहा कि चीजों को स्पष्ट करना उनकी खुद की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्होंने उन लोगों से चर्चा की है।
बीजेपी के इस दावे के बारे में कि हिमाचल प्रदेश सरकार गिर सकती है, मुख्यमंत्री ने कहा कि 'क्रॉस वोटिंग' के बाद उसके हौसले बुलंद हैं लेकिन इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा नहीं होगी।












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