मनी लॉन्ड्रिंग केस: दिल्ली के कोर्ट में वीरभद्र सिंह के खिलाफ सुनवाई टली
शिमला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज अदालत में सुनवाई को अगली पेशी के लिये टाल दिया गया। वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत पांच के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट में आज अदालत ने मामले की सुनवाई को पांच जुलाई के लिये टाल दिया। अब मामले की सुनवाई पांच जुलाई को होगी।

इससे पहले अदालत इसी मामले में वीरभद्र सिंह को पेशी से व्यक्तिगत रूप से छूट दे चुकी है। वीरभद्र ने कोर्ट में याचिका दायर कर मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की छूट मांगी थी। सुनवाई में कोर्ट ने उनको राहत प्रदान की । उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2015 में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई भी उनसे पूछताछ कर चुकी है। ईडी की चार्जशीट में वीरभद्र के अलावा 7 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज है।
वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्रवत्र्तन निदेशालय ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि वीरभद्र ने 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाई है। जो अवैध है। इतना ही नहीं उन्होंने इस काले धन को अन्य आरोपियों व आनंद सिंह की मदद से बीमा कंपनियों में निवेश किया। सीबीआई की शुरुआती जांच में पाया गया कि वीरभद्र ने 6.3 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है। इसके बाद ईडी ने वीरभद्र सहित उनके परिवार के खिलाफ धन शोधन जांच के सिलसिले में पिछले साल 5.6 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति भी जब्त की थी।












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