Himachal Forest Fire: जंगलों में टूटा आग का रिकॉर्ड, भारी वन संपदा खाक, 4 साल में पहली बार 1000 से अधिक मामले
हिमाचल प्रदेश के तारादेवी वन क्षेत्र में पिछले डेढ़ महीने से आग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फायर सीजन में आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वन विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार बनाए हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद अब कई चुके हैं, जो कि चिंता का विषय है। यह ऐसा आंकड़ा है, जो अगले कुछ दिन में और बढ़ सकता है।
आग की सीजन आम तौर पर 15 अप्रैल से 30 जून तक होती है। यानी अभी फायर की सीजन खत्म होने में महज 15 दिन बचा है। शिमला के तारादेवी वन क्षेत्र के जंगल में अब तक आग लगने के 1033 मामले हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे की बात करें तो आग से दो लोगों की मौत हो गई।

बिलासपुर के भराड़ी में आग बुझाते समय चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि हमीरपुर के दियोटसिद्ध में जंगल में आग के धुएं में दम घुटने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत हुई।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के लोग तारादेवी जंगल के इलाके में लगी आग पर काबू पाने की कोशिश देर रात तक करते रहे। सोलन में जंगल की आग दुकानों, घरों और स्कूल तक पहुंचने से भारी नुकसान हुआ। जंगलों में भी आग से भारी क्षति हुई है।
अब तक कहां कितना नकुसान
हिमाचल में इस सीजन में जंगलों में आग लगने के अब तक 1080 मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं में अब तक 10,354 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा जलकर खाक हो चुकी है। वहीं पिछले तीन वर्षों की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में 681 आग की घटनाएं, वर्ष 2022-23 में 860 घटनाएं, जबकि वर्ष 2021-22 में मात्र 33 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस हफ्ते मंगलवार शाम से बुधवार शाम तक कुल 93 घटनाएं विभिन्न वन सर्किलों में दर्ज की गई है।
कहां कितनी घटनाएं
धर्मशाला सर्किल में सबसे अधिक 34 घटनाएं, मंडी में 16, शिमला में 18, बिलासपुर में चार, चंबा में छह, हमीरपुर में तीन, नाहन में सात और सोलन में पांच घटनाएं दर्ज की गई हैं। धर्मशाला सर्किल में 124.95 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा राख हुई है। नाहन में 124.95 हेक्टेयर, मंडी में 106.25 हेक्टेयर, शिमला में 381.2 हेक्टेयर, सोलन में 62 हेक्टेयर, हमीरपुर में 28.5 हेक्टेयर, बिलासपुर में 15 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा राख हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications