Year Ender 2024: हरियाणा में सरकार बनाने का अखाड़ा कांग्रेस ने सजाया, मेडल ले गई BJP, सारे चौटाला भी चित आए
Year Ender 2024 Haryana Assembly Election: हरियाणा की राजनीति में साल 2024 हमेशा यादगार रहेगा, क्योंकि इस साल सूबे में सियासत का सबसे बड़ी लड़ाई हुई। जीत की हैट्रिक बनाने को भाजपा और 10 साल बाद हाथ में सत्ता की वापसी को कांग्रेस विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी। मतदान के बाद जीत का अखाड़ा कांग्रेस ने सजाया, मगर मतगणना के बाद जीत का मेडल भाजपा ले गई।
साल 2024 की विदाई और दस्तक देते साल 2025 के बीच जानिए हरियाणा विधानसभा चुनाव की वो कहानी, जो हर किसी को चौंका देने वाला 'सियासी खेला' है, जिसमें अबकी बार भी नायब सिंह सैनी सरकार बनने, कांग्रेस को गुटबाजी ले डूबने, जेजेपी का सूपड़ा होने और सारे चौटाला चित आना शामिल है।
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दरअसल, हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 46 सीटें हैं। सभी सीटों पर एक ही चरण में 5 अक्टूबर 2024 को मतदान हुआ। 67.9 प्रतिशत ने वोट डाले थे। यह मतदान प्रतिशत इसी साल मई-जून में हुए लोकसभा चुनाव से 3 फीसदी अधिक रहा। हर कोई यह मानकर चल रहा था कि हरियाणा में भाजपा सरकार की 10 साल की एंटी इनकंबेंसी की वजह से अधिक मतदान हुआ है। मतलब कांग्रेस की सरकार आने वाली है।
एग्जिट पोल ने बना दी थी कांग्रेस की सरकार
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मतदान समाप्ति के तुरंत बाद विभिन्न न्यूज चैनलों व एजेंसियों ने एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए, जिनसे कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। आजतक-सीट वोटर, रिपब्लिक मैट्रिक, दैनिक भास्कर, पीपुल्स पल्स सर्वे, ध्रुव रिसर्च और जिस्ट तक सबने एग्जिट पोल हरियाणा में कांग्रेस सरकार आने का अनुमान लगाया। पोल ऑफ पोल्स में कांग्रेस को 57, भाजपा को 26 और अन्य 8 सीटें दी गई।
फलोदी सट्टा बाजार ने भी बनाई कांग्रेस सरकार
चुनावों में अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए विख्यात व कुख्यात फलोदी सट्टा बाजार ने भी हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस की जीत का अनुमान लगाया था। फलोदी सट्टा बाजार में कांग्रेस को 59-61 सीट और भाजपा को 22-23 सीट मिलने के अनुमान पर करोड़ों रुपए दांव पर लगाए गए, मगर हरियाणा में इस बार फलोदी सट्टा बाजार भी फेल हो गया।
कांग्रेस ने कर ली थी जश्न की तैयारी
मतदान के बाद फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान और एग्जिट पोल के नतीजे देख कांग्रेस ने भी मान लिया था कि अबकी उनकी सरकार बन रही है। कांग्रेस ने 8 तारीख को होने वाली मतगणना के बाद जश्न की तैयारी कर ली थी। बैंड-बाजे वालों को बुला लिया था। हलवाइयों को मिठाई बनाने का ऑर्डर दे दिया था। मतगणना नतीजों में हार के बाद कांग्रेस कार्यालय के आस-पास से जश्न मनाने वालों के निराश लौटने के वीडियो खूब वायरल हुए।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 परिणाम
हरियाणा चुनाव में कांग्रेस के साथ अब तक का सबसे बड़ा सियासी खेला हुआ, क्योंकि फलोदी सट्टा बाजार व एग्जिट पोल में जीत के अनुमान के बाद वास्तविक मतगणना में हार मिली। हरियाणा की कुल 90 सीटों में से बीजेपी ने 48, कांग्रेस ने 37, निर्दलीय ने 3 और इनेलो ने 2 सीटें जीती। आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी का खाता ही नहीं खुला। चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को शिकायत भी की थी।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा की जीत के कारण
1. सीएम का चेहरा बदलकर एंटी इन्कम्बेंसी खत्म की। मनोहर लाल खट्टर को हटाकर 30 फीसदी वाले ओबीसी चेहरा नायब सिंह सैनी को मौका दिया।
2. 500 रुपए में सिलेंडर, महिलाओं को हर माह 2100 रुपए देने जैसे योजनाएं लागू की। ये कांग्रेस की योजनाएं थी, मगर सही समय इन्हें अपडेट करके भाजपा ने फायदा उठाया।
3. टिकट वितरण और चुनाव प्रचार के मामले में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ा। नतीजा भाजपा के पक्ष में माहौल बना। नाराज नेताओं को राजी करने में समय मिल गया।
4. बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी के जरिए युवाओं में पैठ बनाई।
5. भाजपा जाट-गैर जाट वोटों में ध्रुवीकरण करने में सफल रही। टिकट वितरण में भी गैर जाटों पर ज्यादा दांव लगाया।
6. भाजपा ने किसान, पहलवान और जवानों को साधा। हालांकि कांग्रेस ने विनेश फोगाट को पहलवानों को कोशिश की, मगर सफल नहीं हो पाई।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस की हार के कारण
1. विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष समेत पांच उम्मीदवारों ने अपने-अपने हलके में सरकारी नौकरियों का कोटा बताया, जो घातक साबित हुआ। ऐसे दावा करने वाले कांग्रेस के सारे नेता हार गए।
2. कांग्रेस को दलित नेता कुमारी सैलजा की नाराजगी भी भारी पड़ी। टिकट वितरण में सैलजा की बजाय पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट की चली। ऐसे में सीएम पद पर दावा ठोकने वालीं सैलजा चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखी।
3. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस का खेल बागियों ने भी खूब बिगाड़ा। 19 सीटों पर बागी नेता उतरे और हार-जीत के समीकरण ही बदल डाले। बहादुरगढ़ में तो जीत भी दर्ज की।
4. कांग्रेस और हरियाणा के नेताओं का अति आत्मश्विास भी हार की वजह बना। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा से पांच सीटें छीनने के बाद भी कांग्रेस विधानसभा चुनाव में वोटरों की नब्ज पकड़ नहीं पाई।
जेजेपी का सूपड़ा साफ
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में दस सीटें जीतकर पहले ही चुनाव में किंगमेकर बनी दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी इस बार चित आई। एक भी सीट नहीं जीत सकी। 85 सीटों पर चुनाव लड़ा था। सारी सीटों पर कुल एक लाख 25 हजार 022 वोट मिले। खुद पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला उचाना कलां की सीट पर पांचवें नंबर पर रहे। जेजेपी उम्मीदवारों में सिर्फ डबवाली सीट से दिग्विजय सिंह ही जमानत बचा पाए।
अधिकांश चौटाला चुनाव हारे
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में दिग्गज नेता चौधरी देवीलाल के परिवार से नौ सदस्य मैदान में उतरे। इनमें अधिकांश चौटाला चुनाव हार गए। ऐलनाबाद से अभय चौटाला, उचाना कलां से दुष्यंत चौटाला, रानियां से चौधरी रणजीत सिंह चौटाला, डबवाली से दिग्विजय सिंह चौटाला, फतेहाबाद से सुनैना व टोहाना से कुनाल कर्ण सिंह चुनाव हार गए।












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