पहलगाम पीड़ित महिलाओं पर बयान देकर फंसे BJP सांसद रामचंद्र जांगड़ा, जानिए कौन हैं ये नेता?
BJP MP Ramchandra Jangra: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद रामचंदर जांगड़ा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। पहलागाम आतंकी हमले को लेकर दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में उबाल ला दिया है।
उन्होंने कहा कि आतंकियों द्वारा मारे गए पर्यटकों की पत्नियों में "योद्धा वाली भावना" नहीं थी, और इसी कारण वे folded hands के साथ अपने पतियों की जान की भीख मांगती रहीं और खुद भी गोलियों का शिकार हो गईं।

उनके इस बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। विपक्षी दलों ने इस बयान को "शर्मनाक", "महिलाओं का अपमान" और "शहीदों का अपमान" करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने और सांसद रामचंदर जांगड़ा को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है।
क्या कहा था रामचंदर जांगड़ा ने जिससे मचा बवाल?
भिवानी में शनिवार को मालवा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर भाजपा ने एक संगोष्ठी आयोजित की थीष इसी कार्यक्रम में 75 वर्षीय जांगड़ा ने कहा कि "अगर इन पर्यटकों को वह प्रशिक्षण मिला होता, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देना चाहते हैं, तो तीन आतंकी 26 लोगों को नहीं मार पाते। हमारे बहादुर बहनों के पतियों को उनके सामने नहीं मारा जा सकता था अगर उन्होंने अहिल्याबाई की तरह का इतिहास पढ़ा होता। वे folded hands के साथ अपने पतियों की जान की भीख मांगती रहीं, क्योंकि उनमें योद्धा वाली भावना नहीं थी।"
BJP MP Ramchandra Jangra: सांसद जांगड़ पर विपक्ष का हमला
जांगड़ा के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता और सांसद जयराम रमेश ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यह बयान शर्मनाक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न केवल इसके लिए माफी मांगनी चाहिए, बल्कि जांगड़ा को पार्टी से निष्कासित भी करना चाहिए।"
जयराम ने कहा कि भाजपा नेताओं की यह आदत बन गई है कि वे शहीदों और उनके परिजनों का अपमान करते हैं। यह बयान न केवल असंवेदनशील है, बल्कि भाजपा की सत्ता के नशे में चूर मानसिकता को भी उजागर करता है।"
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बयान इतना घृणित है कि 'निंदा' शब्द भी इसके लिए छोटा पड़ जाए। भाजपा महिलाओं की पूजा की बात करती है, लेकिन वास्तविकता में उन्हें अपमानित, प्रताड़ित और नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती।
BJP MP Ramchandra Jangra ने दिया सफाई
बढ़ते विवाद के बीच, सांसद रामचंदर जांगड़ा ने चार मिनट का एक वीडियो बयान जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है ताकि राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा सके।
सांसद रामचंदर ने कहा कि "मैंने यह बात उस संदर्भ में कही थी कि हमारे इतिहास में हमें सिर्फ मुगलों और अंग्रेजों के बारे में पढ़ाया गया, लेकिन 2014 के बाद से हमारे वीर योद्धाओं का इतिहास पढ़ाया जाने लगा, जिससे युवाओं में वीरता की भावना आई।"
भाजपा सांसद रामचंदर ने कहा कि, "मैं नहीं मानता कि हमारी बहनें कमजोर हैं। वे बहादुर हैं। बस उनमें रानी लक्ष्मीबाई और अहिल्याबाई होल्कर जैसी भावना को जागृत करने की आवश्यकता है। अगर किसी की भावना आहत हुई है तो मुझे माफी मांगने में कोई आपत्ति नहीं है।"
Who is Ramchandra Jangra: कौन हैं रामचंदर जांगड़ा? विवादों से रहा है पुराना नाता
रामचंदर जांगड़ा हरियाणा से राज्यसभा के सांसद हैं और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे 2020 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका राजनीतिक सफर एक जमीनी कार्यकर्ता से शुरू होकर राज्यसभा तक पहुंचा है। वे सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके कई बयान पहले भी विवादों में रहे हैं।
रामचंद्र जांगड़ा इससे पहले भी कई बार ऐसे विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान भी उन्होने कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान 700 लड़कियां गायब हो गई जिसके लिए पंजाब में नशा करने वाले लोग जिम्मेदार हैं। सांसद जांगड़ा के इस आपत्तिजनक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खूब हो-हल्ला हुआ था।
इसके अलावा भी जांगड़ा आरक्षण, शिक्षा और सांस्कृतिक विषयों पर कई बार कट्टर विचार रख चुके हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों से गहरी पैठ रखने वाले नेता माने जाते हैं। हरियाणा की राजनीति में उनका अच्छा-खासा प्रभाव है।
जहां एक ओर विपक्ष उनकी बर्खास्तगी और प्रधानमंत्री की माफी की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा नेतृत्व की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में इस बयान का राजनीतिक असर क्या होता है और भाजपा इस पर क्या रुख अपनाती हैं।












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