CM खट्टर बोले- धान-बाजरे की फसल खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी, इस बार सिर्फ हरियाणवी किसानों से लेंगे
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज ऐलान किया कि, प्रदेश में धान-बाजरे की फसलों की सरकारी खरीद अगले महीने के पहले दिन से होने लगेगी। खट्टर ने कहा कि, हमारी सरकार ने तय किया है कि इस बार सिर्फ हरियाणा के किसानों की फसल खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि, हमारे यहां यह देखा गया है कि राजस्थान के भी काफी किसान हरियाणा में अपनी फसल बेचने आते हैं..ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे यहां फसलों का उचित दाम दिया जाता है। यहां किसानों को अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा फायदा होता है, इसलिए वे हरियाणा आते हैं।

बाजरा और धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हरियाणा में खरीफ फसलों की खरीद बाजरा और धान की खरीदी के साथ 1 अक्टूबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, केंद्र सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में वृद्धि किए जाने के बाद हमारी सरकार ने भी गन्ना किसानों को राहत दी है। हमने गन्ने की कीमत 12 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर गन्ना 362 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।
खट्टर ने कहा कि, हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां गन्ने का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है। खट्टर ने कहा, "हमारे यहां इस साल एक क्विंटल गन्ना खरीद पर किसानों को 362 रुपए दिए जाएंगे। यह भाव यह देश में तो सर्वाधिक है ही, साथ ही हाल ही में चुनाव वाले पड़ोसी राज्य पंजाब से भी दो रुपये ज्यादा है।"

6 रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बुआई का मौसम आने से पहले 6 रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्र सरकार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि, यह फैसला किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा, "हरियाणा भी किसानों की आय दोगुनी करने में अहम भूमिका निभा रहा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि, "रबी की उक्त फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्यों में 40 से 400 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई। यहां तक कि कई फसलों में तो 100% तक की भी बढ़ोतरी हुई है।"

गेंहू बिकेगा 2015 रुपये प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री बोले कि, "मुझे आशा है कि अगले वर्ष भी इसी तरह न्यूनतम समर्थन मूल्यों में वृद्घि की जाती रहेगी। तब निश्चित रूप से किसानों की आय प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2022 तक दोगुनी हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि, गेहूं की एमएसपी में 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 2015 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। इसी प्रकार, जौ की एमएसपी में 35 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 1635 रुपये प्रति क्विंटल, चने की एमएसपी में 130 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5230 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर की एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5500 रुपये प्रति क्विंटल, कैनोला एवं सरसों की एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5050 रुपये प्रति क्विंटल तथा कुसुम के फूल की एमएसपी में 114 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5441 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

4 वर्षों से न्यूनतम समर्थन मूल्य में हो रही वृद्धि
ज्ञात हो कि, पिछले 4 वर्षों से केन्द्र सरकार बुआई मौसम से पहले रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती आ रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि, इससे किसान अपना मन बना लेता है कि उसे किस फसल की बुआई करने से अधिक मुनाफा हो सकता है। सरकार किसान हित में फैसले लेती जा रही है।












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