राधिका बनना चाहती थी 'एल्विश यादव', पिता ने खर्च किए 2.5 करोड़, फिर क्यों बेटी को मारने के लिए उठाई बंदूक?
Radhika Yadav Death News: गुरुग्राम की सुशांत लोक कॉलोनी में 25 वर्षीय नेशनल लेवल की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि राधिका यादव सोशल मीडिया पर बड़ा नाम बनना चाहती थीं और इसके लिए वे अपने गांव के मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव से प्रेरित थीं। राधिका उसी गांव की मूल निवासी थीं, जहां के एल्विश यादव हैं।
पुलिस के मुताबिक राधिका के पिता दीपक यादव ने उनकी टेनिस ट्रेनिंग पर अब तक करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, एक चोट के चलते राधिका का खेल करियर रुक गया और उन्होंने एक टेनिस एकेडमी शुरू की। साथ ही वे सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर भी एक्टिव हो गई थीं। एसीपी यशवंत ने कहा, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव के कारण उन्हें अपनी बेटी को गोली मारनी पड़ी।

राधिका यादव ने पिता से कहा था- 'अब मैं पैसे कमाऊंगी'
इंडिया टुडे के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक राधिका ने अपने पिता को आश्वासन दिया था कि वह उनकी कोशिशों को बेकार नहीं जाने देगी। चोट के कारण टेनिस से दूर रहने के बाद उसने अपने पिता से कहा था, "पापा, मेरे दिमाग में काफी कंटेंट है। मैंने काफी खेल लिया है। अब मैं पैसे कमाऊंगी।" उसका सपना एल्विश यादव की तरह सोशल मीडिया पर बड़ा नाम कमाना था।
'राधिका रील बनाते वक्त अपनी मां को भी साथ ले जाती थीं'
सूत्रों के मुताबिक राधिका यादव अक्सर रील्स शूट करते वक्त अपनी मां को भी साथ ले जाती थीं और उन्हें यकीन दिलाती थीं कि वे कभी भी ऐसा कुछ नहीं करेंगी जिससे परिवार की इज्जत पर आंच आए।
लेकिन गांववालों की तानों और सामाजिक दबाव ने दीपक यादव को अंदर ही अंदर तोड़ दिया। उन्हें अक्सर यह सुनना पड़ता था कि वे बेटी की कमाई पर पल रहे हैं। यही बात उनके मन में जहर बनकर बैठ गई।
गुरुवार (10 जुलाई) सुबह, जब राधिका अपनी मां के जन्मदिन के मौके पर किचन में कुछ बना रही थीं, तभी पिता ने पीछे से लाइसेंसी रिवॉल्वर से तीन गोलियां चला दीं। घटनास्थल पर मौजूद दीपक के भाई कुलदीप यादव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने धमाके की आवाज सुनकर जब ऊपर की मंजिल पर जाकर देखा तो राधिका खून से लथपथ पड़ी थीं।
दीपक 15 दिनों तनाव में थे! राधिका का सोशल मीडिया अकाउंट किया गया डिलीट!
पुलिस के मुताबिक, दीपक यादव पिछले 15 दिनों से मानसिक तनाव में थे और खुद को सबसे अलग-थलग कर लिया था। बार-बार के तानों ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने अपनी ही बेटी को मार डाला।
पुलिस ने बताया कि राधिका का सोशल मीडिया अकाउंट किसने डिलीट किया, इसकी जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या हत्या में किसी अन्य पारिवारिक सदस्य की भूमिका थी।
पुलिस ने कहा- टेनिस एकेडमी को लेकर पिता-बेटी में हुआ विवाद
पुलिस ने यह भी साफ किया कि राधिका और दीपक के बीच सोशल मीडिया को लेकर सीधी कोई तनातनी नहीं थी। असली कारण टेनिस एकेडमी बंद कराने को लेकर हुआ विवाद था, जो कि हत्या का तात्कालिक कारण बना।
पुलिस ने राधिका और उसके पिता के बीच सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी या रील्स को लेकर हुए विवाद की खबरों का भी खंडन किया।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय राधिका, उसकी मां और आरोपी पिता घर पर ही थे।
जब वे टेनिस एकेडमी बंद करने पर चर्चा कर रहे थे, तभी बहस छिड़ गई और गुस्से में आकर दीपक ने अपनी बेटी को गोली मार दी। पुलिस ने पुष्टि की कि दीपक की हत्या का कारण सामाजिक दबाव और तानों से उपजी हताशा थी।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने कथित तौर पर उनका मजाक उड़ाया और कहा कि वह अपनी बेटी की कमाई पर गुजारा कर रहे हैं, जिससे उन पर गहरा असर पड़ा। इस अपमान से परेशान होकर, दीपक चाहते थे कि राधिका एकेडमी बंद कर दे।
इस बीच मामले में एफआईआर से भी पुष्टि हुई है कि गोलीबारी के समय राधिका यादव की मां घर की पहली मंजिल पर मौजूद थीं। राधिका के चाचा कुलदीप यादव ने एक बयान में कहा कि वह अपने परिवार के साथ इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर थे।
एफआईआर में कहा गया है कि गुरुवार (10 जुलाई) सुबह करीब 10:30 बजे उन्होंने अचानक एक "तेज धमाका" सुना और पहली मंजिल पर पहुंचे। चाचा ने अपने बयान में कहा, "मैंने अपनी भतीजी राधिका को रसोई में खून से लथपथ देखा और रिवॉल्वर ड्राइंग रूम में मिली। मेरा बेटा पीयूष यादव भी पहली मंजिल पर दौड़ा। हम दोनों राधिका को उठाकर अपनी कार से सेक्टर 56 स्थित एशिया मैरिंगो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।"












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