मनी लॉन्ड्रिंग केस में पंचकूला स्पेशल कोर्ट के जज सुधीर परमार का भतीजा गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
Money Laundering Case: निलंबित पंचकूला स्पेशल कोर्ट के जज सुधीर परमार के भतीजे अजय परमार को एजेंसी द्वारा उनके परिसरों में तलाशी लेने के बाद गिरफ्तार किया है। 20 जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में बडी कार्रवाई की है। निलंबित पंचकूला स्पेशल कोर्ट के जज सुधीर परमार के भतीजे अजय परमार को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि यह गिरफ्तारी संघीय एजेंसी द्वारा उनके परिसरों में तलाशी लेने के बाद की गई है। उन्हें 20 जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
आपको बता दें कि एजेंसी द्वारा इस मामले में 14 जून को गुरुग्राम स्थित रियलिटी समूह M3M के दो निदेशकों और प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्तियों बसंत बंसल और उनके बेटे पंकज बंसल को गिरफ्तार किए जाने के ठीक एक दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। बीती गुरुवार को एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि पिता-पुत्र की जोड़ी को पंचकूला में एक विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 5 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बसंत और पंकज बंसल की गिरफ्तारी में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत ने ईडी की हिरासत में भेज दिया है। वह इसकी वैधता तय नहीं कर सकती, क्योंकि आदेश बाहर की अदालत ने दिया है।
क्या है पूरा मामला?
- दरअसल, अप्रैल में हरियाणा पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा सुधीर परमार, उनके भतीजे अजय परमार और एक तीसरे एम3एम ग्रुप के डायरेक्टर रूप कुमार बंसल और अन्य के खिलाफ दर्ज एक मुकदमा दर्ज किया। जिसमें बताया गया कि ईडी ने कहा, विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि सुधीर परमार, एक न्यायाधीश के रूप में, आरोपी रूप कुमार बंसल, उनके भाई बसंत बंसल और रियल एस्टेट फर्म IREO के मालिक ललित गोयल के लिए पक्षपात की नीति अपना रहे हैं। ईडी के आपराधिक मामले और सीबीआई के अन्य मामले उनके खिलाफ उनकी अदालत में लंबित हैं।
- सुधीर परमार को एसीबी केस दर्ज होने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निलंबित कर दिया था। ईडी ने कहा कि उसने गिरफ्तारी (बसंत बंसल और पंकज बंसल की) करने से पहले प्राथमिकी में आरोपों के संबंध में बैंक स्टेटमेंट और मनी ट्रेल आदि जैसे आपत्तिजनक सबूत जमा किए हैं। एसीबी ने अपनी प्राथमिकी में दावा किया है कि सुधीर परमार ने अपने भतीजे अजय परमार को एम3एम समूह में कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।
- ईडी ने 1 जून को IREO समूह और गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में M3M प्रमोटरों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ छापेमारी की। बाद में रूप कुमार बंसल को गिरफ्तार कर लिया। बसंत बंसल और पंकज बंसल ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से 5 जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण हासिल किया था।
- बीती 1 जून की छापेमारी के बाद जारी एक बयान में जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि IREO समूह के खिलाफ मामले में M3M ग्रुप के माध्यम से बड़ी मात्रा में धन की हेराफेरी की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि एक लेन-देन में एम3एम समूह को आईआरईओ समूह से कई कंपनियों के जरिए करीब 400 करोड़ रुपए मिले हैं।












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