OPINION: हरियाणा सरकार ने पेश की एक नई मिसाल, युवाओं का भविष्य सुनिश्चित, देश बनेगा और खुशहाल
Haryana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए एक बहुत ही दूरगामी कदम उठाया है। हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को कई सरकारी नौकरियों में सीधे 10% जॉब सुरक्षित कर दिया है। इनके अलावा भी आरक्षण का इंतजाम किया गया है और अपने खुद का रोजगार शुरू करने के लिए भी दिल खोलकर सहयोग देने की व्यवस्था कर दी है।
जिस अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की नियुक्ति होती है, उसमें पहले से ही 25% सेवानिवृत अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र सेना में शामिल किए जाने का प्रावधान है। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अब इसके दायरे में और भी ज्यादा विस्तार कर दिया है।

देश के अग्निवीरों के लिए हरियाणा ने की नई शुरुआत
इस तरह से अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में किए जा रहे दुष्प्रचार को हरियाणा की धरती ने एक झटके में बेनकाब कर दिया है। क्योंकि, बात जब भी देश की आन बान और शान की आई है तो आदि काल से हरियाणा सबसे आगे की कतार में खड़ा नजर आया है।

अग्निवीरों के लिए हरियाणा ने खोला भविष्य का द्वार
अग्निवीरों को चार साल की सेवा समाप्त होने पर सरकार की ओर से एकमुश्त मोटी रकम का प्रावधान तो पहले से ही है। इसके अलावा सीएम सैनी ने उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए बिना ब्याज के 5 लाख रुपए तक लोन देने का भी प्रावधान बनाया है, ताकि वह आत्मनिर्भर भी बन सकें और अपने साथ कुछ और युवाओं के लिए भी नए रोजगार का सृजन कर सकें।

अग्निवीर योजना के खिलाफ दुष्प्रचार को हरियाणा करेगा बेनकाब
14 जून, 2022 को जबसे केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी, तब से विपक्षी दलों की ओर से सुनियोजित तरीके से इसके खिलाफ एक अभियान चलाया गया है। अग्निपथ योजना को बिना समझे इतना दुष्प्रचार किया गया है कि युवाओं का एक वर्ग गुमराह भी हुआ है।

देश को और मजबूत करेंगे अग्निवीर
लेकिन, युवाओं का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसने इस योजना को समय रहते समझ लिया और वह आज देश की सेवा में तो जुटे ही हुए हैं, जब चार साल की सेवा पूरी करके समाज में लौटेंगे तो अगली पीढ़ी को एक होनहार नौजवान बनकर प्रेरित करेंगे और देश को अपने हुनर से और भी ज्याद मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
अग्निवीरों के परिजनों का भी बढ़ेगा हौसला
हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए सिर्फ 10% आरक्षण की घोषणा ही नहीं की है, ग्रुप बी और ग्रुप सी में उनकी भर्ती के लिए उम्र की अधिकतम सीमा में तीन साल की छूट भी घोषित की है। अग्निवीरों के पहले बैच को इससे कोई नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें पांच साल की छूट देने का फैसला लिया गया है।
बात यहीं खत्म नहीं होती। पूर्व अग्निवीरों के लिए ग्रुप बी और ग्रुप सी की नौकरियों में पांच फीसदी पद आरक्षित किए जाएंगे। मतलब, अब किसी भी माता-पिता को यह चिंता करने की आवश्यकता नहीं रह गई है कि अग्निवीर की सेवा पूरी करने के बाद उनके बच्चों का क्या भविष्य होगा।

अग्निवीरों का भविष्य सुनिश्चित, देश की सीमाएं सुरक्षित
इससे पहले अग्निवीरों के लिए भारतीय अर्धसैनिक बलों और कई पुलिस सेवाओं में भी प्राथमिकताएं तय हो चुकी हैं। कई बड़े कॉर्पोरेट घराने भी इनके लिए हाथ आगे बढ़ा चुके हैं। कुल मिलाकर यूं समझ लें कि अब प्रदेश के एक भी युवा को अग्निवीर बनने के लिए अपने भविष्य को लेकर सोचने की आवश्यकता नहीं है।
आने वाले दशकों में यही अग्निवीर देश की एक ऐसी ताकत बनकर उभरेंगे जो भारतीय सशस्त्र सेना में प्रशिक्षित हुए ऐसे नौजवान होंगे, जिनकी फौज का अंदाजा लगाते हुए दुश्मनों के हाथ कांपने लगेंगे। क्योंकि, यह किसी भी संकट के समय देश को सुरक्षित रखने के लिए अगली पंक्ति में खड़े नजर आएंगे।












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