नूंह हिंसा: मुस्लिम समुदाय का बड़ा फैसला, गुरुग्राम में खुले में नहीं पढ़ी जाएगी जुम्मे की नमाज
Nuh violence: हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को भड़की हिंसा के बाद से अब तक कई जिलों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। नूंह झड़प में अब तक कम से कम 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 78 को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
नूंह हिंसा के बाद मुस्लिम समुदाय ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि वो लोग गुरुग्राम में जुम्मे की नमाज खुले में नहीं पढ़ेंगे। मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष हाजी सज्जाद खान ने कहा है कि जुम्मे की नमाज को घर या अपने मोहल्ले के किसी घर में पढ़ें। इस बार खुले में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।

हाजी सज्जाद ने कहा कि खुले में नमाज के दौरान कोई हादसा ना हो, कोई अनहोनी ना हो, इसलिए हमने ये फैसला लिया है। बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम मं खुले में नमाज पढ़ने का विरोध होता रहा है। इसको लेर कई बार विद्रोह के मामले सामने आ चुके हैं।
हाजी सहजाद ने कहा है कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। भय के माहौल में ना रहें। सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं।
बता दें कि नूंह हिंसा का प्रभाव गुरुग्राम, पलवल, मेवात समेत पांच जिलों में देखी जा रही है। अब तक इस मामले में 93 एफआईआर पांच जिलों में दर्ज की गई है, जिसमें नूंह में 46, गुड़गांव में 23 और पलवल में 18 एफआईआर शामिल हैं। नूंह समेत पांच जिलों में इंटरनेट 5 अगस्त तक बंद कर दी गई है।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। इससे पहले, जिले में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद अर्धसैनिक बलों ने नूंह में फ्लैग मार्च किया था।












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