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Haryana News: सिरसा के जेल वार्डन ने डीएसपी समेत 2 अधिकारियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, उठाया बड़ा कदम!

Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिला जेल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह ने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मौत की पुष्टि करते हुए दो सुसाइड नोट मिलने की बात मानी है। पुलिस विभाग का मामला होने की वजह से हड़कंप मच गया है।

मृतक ने वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि मृतक अधिकारी पिछले 7 साल से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने डीएसपी समेत दो सीनियर्स पर अपमानित करने और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है।

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Haryana News: दिल की बीमारी से पीड़ित थे मृतक वार्डन

मृतक ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया कि सीनियर अधिकारियों ने उनकी दिल की बीमारी को नजरअंदाज किया और लगातार प्रताड़ित करते रहे। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि 14 दिसंबर को उन्होंने पुलिस उप अधीक्षक (DSP) वरुण गोदारा से नाइट ड्यूटी नहीं लगाने का अनुरोध किया था। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने गुहार लगाई थी, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अपमानित किया।

Haryana News: वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप

- सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा है कि उन्हें लगातार 15 दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इतना ही नहीं उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।

- मृतक अधिकारी का कहना है कि उन्हें स्टाफ के सामने ड्यूटी को लेकर अपमानित किया गया। 31 दिसंबर को भी शाम के समय उन्हें अपशब्द कहे गए। इसके बाद नए साल के दिन उन्होंने जेल अधीक्षक और दूसरे गार्ड्स की मौजूदगी में माफी भी मांगी थी।

- सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा है कि एलओ (लाइन ऑफिसर) फूल कुमार और DSP वरुण गोदारा ने सुखदेव सिंह को ड्यूटी पर नहीं लिया और पूरे दिन खड़ा रखा था। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, 'मैं दरिंदों से हार गया हूं।' उन्होंने अपने बेटे और परिवार से माफी मांगते हुए उनसे आगे सब कुछ संभालने की अपील की है।

Sirsa News: सिरसा जेल अधीक्षक से की न्याय की मांग

सुखदेव सिंह ने एक और सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें जेल अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने लिखा कि सुबह माफी स्वीकार किए जाने के बावजूद उन्हें ड्यूटी पर तैनात नहीं किया गया। इससे वे मानसिक रूप से टूट गए और मजबूरन आत्महत्या करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक के परिजनों ने DSP और एलओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे। मामला पुलिस विभाग के अंदर का है, जिसकी वजह से हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

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