करनाल किसान महापंचायत: राकेश टिकैत बोले- प्रशासन SDM के एक्शन पर सफाई दे रहा, हम भी लेंगे फैसला
करनाल। हरियाणा में करनाल जिला स्थित मिनी सचिवालय में किसान-प्रदर्शनकारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। यहां पंजाब, हरियाणा और यूपी समेत कई राज्यों के हजारों लोग जुटे हैं। जिनमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। किसान संगठनों का कहना है कि, वे सरकार से समाधान चाहते हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता टिकैत बोले, "प्रशासन ने एसडीएम द्वारा किसानों के खिलाफ की गई पिछली कार्रवाई का स्पष्टीकरण देने की कोशिश की है। इधर, हम भी अपने आगे के प्लान पर काम करेंगे। अपने अगले कदम पर फैसला लेने के लिए किसानों की भी बैठक होगी।''
वहीं, भाकियू नेता ने करनाल महापंचायत के आयोजन के बारे में कहा कि, करनाल में बीते 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के बाद पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए यह पंचायत आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि, हमारे किसान भाइयों ने ज़िला प्रशासन द्वारा घायल प्रदर्शनकारियों को मुआवज़ा देने और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मिनी सचिवालय का घेराव किया गया है।
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डीसी करनाल ने बताया कि, उपद्रव या किसी भी अनहोनी घटना से निपटने के लिए शहर का लगभग पूरा हिस्सा सील है। यहां पुलिस की तरफ से 18 नाके लगाए गए हैं। जीटी रोड से लघु सचिवालय तक आने वाले रास्ते और शहर से लघु सचिवालय तक पहुंचने वाले रास्तों को ब्लॉक किया जा चुका है। क्योंकि, किसान प्रदर्शनकारी इसी रूट से ज्यादा पहुंचने के आसार थे, इसलिए यह बंदोबस्त किया गया।

पुलिस ने रेत से भरे ट्रक भी नाकों पर अड़ाकर रास्ते ब्लॉक किए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "सरकार द्वारा पैरामिल्ट्री फोर्स समेत सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं। हरियाणा पुलिस की 30 कंपनियां नियुक्त की गई हैं। शहर के निकट पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियां अलग से लगाई गई हैं। 5 एसपी और 25 एचपीएस कम डीएसपी की ड्यूटी भी लगाई है। इनके साथ वाटर कैनन और ड्रोन भी तैनात हैं।


करनाल महापंचायत की वजह- लाठीचार्ज
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के करीबी एक किसान नेता ने कहा कि, करनाल में किसान महांपचायत को बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया है। दरअसल, पिछले दिनों इसी टोल पर पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई थी। जिसमें काफी किसानों को चोटें आई थीं। कई के सिर से खून बहने लगा था। एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई थी। जिसके बाद अब करनाल में महांपचायत बुलाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि, किसान अनिश्चितकाल के लिए मिनी सचिवालय का घेराव किए हैं।













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