कल रिटायर हो जाएगा ये ईमानदार IAS ऑफिसर, 71 बार हुआ ट्रांसफर, 6 महीने से नहीं मिली सैलरी
नई दिल्ली। आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी 28 फरवरी को 34 साल के अपने लंबे कैरियर के बाद रिटायर हो रहे हैं। हरियाणा कैडर के प्रदीप कासनी की गिनती राज्य के तेजतर्रार और ईमानदार आईएएस अधिकारियों में होती है। अपनी इस ईमानदारी के चलते प्रदीप कासनी को 34 साल के अपने कैरियर 71 बार तबादले देखने को मिले। लगभग हर छह महीने बाद उनका ट्रांसफर कर दिया जाता था।

छह महीने से नहीं मिली सैलरी
आईएएस प्रदीप कासनी को बीते छह महीने से सैलरी नहीं मिली है। दरअसल, प्रदीप कासनी की छह महीने पहले हरियाणा लैंड यूज बोर्ड के ओएसडी के पद पर नियुक्ति हुई थी। 28 फरवरी को वो इसी पद से रिटायर हो रहे हैं। लेकिन दिक्कत ये है कि सरकार के रिकार्ड में इस तरह को कोई पद मौजूद नहीं है जिसकी वजह से प्रदीप कासनी को बीते 6 महीने से कोई सैलरी नहीं मिली है।

दफ्तर में काम करने के लिए नहीं मिली फाइलें
सैलरी न मिलने को लेकर प्रदीप कासनी ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में अपील की है। दरअसल प्रदीप कासनी जब लैंड यूज बोर्ड पहुंचें तो उन्हें काम करने के लिए न ही कोई फाइल मिली और न ही कोई स्टाफ। जिसके बाद प्रदीप कासनी ने इस संबंध में आरटीआई दाखिल की। जिसके बाद सरकार ने कबूल किया कि लैंड यूज बोर्ड में ओसडी पद का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।

अशोक खेमका से भी ज्यादा हुए ट्रांसफर
जब भी किसी आईएस अधिकारी के ट्रांसफर की बात आती है तो सबसे पहले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का जिक्र आता है। अशोक खेमका ने ही राबर्ट वाड्रा से जुड़ी लैंड डील की फाइल खोली थी। अशोक खेमका का अभी तक 51 बार ट्रांसफर हो चुका है। हालांकि ट्रांसफर के मामले में वे अभी भी प्रदीप कासनी से पीछे हैं। प्रदीप कासनी का सरकार 71 बार ट्रांसफर कर चुकी है।












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