हरियाणा: धरनास्थल पर झोपड़ियां जलीं, सामान भी खाक, किसान बोले- हमें जबरन हटाने में जुटी सरकार
सोनीपत। हरियाणा-दिल्ली की सीमाओं पर महीनों से चल रहे किसान आंदोलन पर सरकार कोरोना के चलते बंदिशें लगाना चाहती है। हरियाणा के कई मंत्रियों समेत केंद्रीय कृषि मंत्री सिंघु व टीकरी बॉर्डर पर हजारों की तादाद में धरने पर बैठे लोगों को लेकर कई दफा बयान दे चुके हैं। सरकार का कहना है कि, इससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा है, ऐसे में लोगों के बचाव के लिए जरूरी है कि कोविड गाइडलाइंस फॉलो की जाएं। उधर, किसान संगठनों के अगुआ कह रहे हैं कि, कोरोना किसानों के कारण नहीं फैल रहा। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब एक जगह धरनास्थल पर मौजूद झोपड़ियों में आग लग गई।

अग्निकांड पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार को घेरा
कुंडली बाॅर्डर धरनास्थल पर बीते रोज कुछ शरारती तत्वों द्वारा किसान प्रदर्शनकारियों की झोपड़ियों को आग लगा दी गई। जिसके चलते काफी तादाद में प्रदर्शनकारी एकत्रित हो गए और आग बुझाने लगे। हालांकि, आग पर काबू पाने तक करीब 5 झोपड़ियों में रखा सामान जलकर राख हो गया। एक वृद्ध किसान ने कहा कि, घटना के समय कोई किसान झोपड़ी के अंदर नहीं था, यही वजह थी कि किसी इंसान की जान नहीं गई। जिसने भी ऐसा किया, बहुत गलत किया। वहीं, कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, यह कृत्य सरकार के इशारे पर हुआ। घटना को लेकर किसान नेताओं ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। कुछ लोगों ने कहा कि, कोरोना के बहाने सरकार किसानों को खदेड़ने में जुट गई है।

भीड़ को हटवाने की तैयारी में सरकार?
जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से सिंघु व टीकरी बॉर्डर पर बैठे किसानों को वापस घर पहुंचाने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई है। किसान आंदोलन की कवरेज में लगे एक पत्रकार ने कहा कि, किसानों को हटाने के लिए सरकार का आपरेशन क्लीन चला सकती है। यदि भीड़ नहीं हटती है तो फोर्स का सहारा लिया जाएगा। उधर, गृह मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों को धरने से हटाने की रूपरेखा तैयार की है और हरियाणा सरकार को जिम्मेदारी सौंपी है।












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