Haryana Election: हरियाणा की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने बनाई कैसी रणनीति?

Haryana Chunav 2024: हरियाणा में सत्ता से दूर हुए कांग्रेस को एक दशक हो चुके हैं। लोकसभा चुनावों में 10 में से आधी सीटें जीतने के बाद, वह सत्ता में वापसी के सारे जतन कर रही है। इसकी एक झलक शनिवार को पहलवान विनेश फोगाट के पेरिस से दिल्ली पहुंचने के दौरान भी दिख चुकी है।

विनेश फोगाट की आगवानी के लिए खुद रोहतक से पर्टी सांसद दीपेंद्र हुड्डा एयरपोर्ट पर मौजूद थे, जो पूरे रोडशो में उनके साथ नजर आए। विनेश फोगाट के साथ तस्वीरें खिंचवाने की कांग्रेस नेताओं का मकसद साफ है। उन्हें लगता है कि चुनावों में यह तस्वीर कांग्रेस के पास भाजपा के खिलाफ अचूक हथियार साबित हो सकती हैं।

haryana congress

कांग्रेस को फोगाट को मिलने वाली सहानुभूति का फायदा मिलने का भरोसा!
फोगाट ओलंपिक से खाली हाथ देश लौटी हैं। लेकिन, कांग्रेस को उसमें पार्टी का भविष्य इसलिए नजर आ रहा है, क्योंकि वह भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व चीफ और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ आवाज उठाने वाली एक प्रमुख चेहरा रही हैं।

कांग्रेस को लगता है कि फोगाट की वजह से न सिर्फ कांग्रेस में गुटबाजी दूर हो सकती है, बल्कि उनके साथ ओलंपिक में जो घटना घटी, उसकी सहानुभूति का फायदा पार्टी उठा सकती है। यही वजह है कि हुड्डा ही नहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला और सिरसा सांसद कुमारी शैलजा भी उनके साथ ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट की तरह बर्ताव किए जाने की वकालत कर रही हैं। हुड्डा ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि अगर विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के पास सीटें होंगी तो उन्हें राज्यसभा में भेजा जाएगा।

बीजेपी ने भी की है फोगाट पर बनाई है अपनी रणनीति
हालांकि, कांग्रेस की राजनीति को भांपकर बीजेपी सरकार ने भी फोगाट के साथ सिल्वर मेडलिस्ट की तरह बर्ताव किए जाने की घोषणा की है, लेकिन इसके तहत उन्हें जो भी लाभ मिल सकते हैं, वह आदर्श आचार संहिता की वजह से फिलहाल अधर में लटक सकते हैं।

हरियाणा के पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है, 'हरियाणा की जनता 1 अक्टूबर का बेसब्री से इंतजार कर रही है, क्योंकि यह इस (बीजेपी)नाकाम सरकार को एक दिन भी बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है। अक्टूबर चार, बीजेपी हरियाणा से बाहर।'

किसानों के मुद्दे को भी भुनाना चाहती है कांग्रेस
फोगाट के अलावा हरियाणा में कांग्रेस के पास किसानों का मुद्दा बड़ा है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, हाल ही में हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी के तहत करने की शुरुआत कर दी है, लेकिन लगता नहीं है किसान इतने भर से संतुष्ट होते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस लगातार किसानों के मुद्दे को हवा देने में जुटी हुई है, जिसमें पार्टी के सांसद राहुल गांधी भी शामिल हैं। कांग्रेस की रणनीति की काट के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार ने हाल के दिनों में किसानों के हित में अनेकों फैसले लिए हैं।

अग्निवीर मामले को भी लगातार हवा दे रही है कांग्रेस
किसानों के अलावा अग्निवीरों का मुद्दा भी कांग्रेस भुनाना चाहती है। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों से पहले यह अभियान ही चला दिया था कि उनकी सरकार बनी तो अग्निपथ योजना को खत्म कर देगी। कांग्रेस का आरोप है कि अग्निपथ योजना की वजह से प्रदेश में सेना में जाने वाले युवकों की संख्या काफी कम हो गई है।

वहीं, कांग्रेस की रणनीति की धार कुंद करने के लिए पिछले महीने हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को 10% हॉरिजॉन्टल आरक्षण देने का एलान किया था। इसके तहत अग्निवीर को सेवा के चार साल बाद कॉन्स्टेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और स्पेशल पुलिस ऑफिसर की नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था 2026 से शुरू होगी, जब अग्निवीरों का पहला बैच अपने चार साल का कार्यकाल पूरा करेगा।

बेरोजगारी का मामला भी है कांग्रेस का एक बड़ा हथियार
हरियाणा में लोकसभा चुनावों की तरह ही कांग्रेस बेरोजगारी के मुद्दे पर फोकस करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, इस दौरान हरियाणा की भाजपा सरकार ने कई तरह की भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 'रोजगार गारंटीट भी शामिल है, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने की वजह से इसके भी अटकने की संभावना है।

इसे भी पढ़ें- Haryana Election: कुमारी शैलजा को अबकी बार कैसे रोकेंगे भूपेंद्र हुड्डा? कांग्रेस में घमासान के संकेत!

हरियाणा में कांग्रेस की उत्साह इस वजह से बढ़़ी हुई है कि 2019 के 28% के मुकाबले उसका वोट शेयर इस बार के लोकसभा चुनाव में बढ़कर 43% हो गया है। पार्टी को 10 में से पांच सीटें भी मिली हैं। लेकिन, तथ्य यह है कि 90 विधानसभा सीटों में अभी भी बीजेपी 44 सीटों पर आगे है और कांग्रेस तमाम प्रयासों के बावजूद सिर्फ 42 सीटों पर ही बढ़त बना सकी है। चार सीटों पर उसकी सहयोगी आम आदमी पार्टी को बढ़त मिली थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+