Haryana DGP: कौन हैं अजय सिंघल जो बने हरियाणा पुलिस के बॉस, भ्रष्टाचारियों के लिए हैं असली सिंघम
Haryana DGP Ajay Singhal: हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी अशोक सिंघल को प्रदेश का नया डीजीपी बनाया गया है। सिंघल 1992 बैच के ऑफिसर हैं। उन्हें प्रशासनिक अनुभव के साथ ही अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदमों के लिए जाना जाता है। सिंघल पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर जोर देने वाले अधिकारियों में जाने जाते हैं। हरियाणा के सीएम ने भी पुलिस महकमे को टेक्नोलॉजी से जोड़ने पर जोर दिया है।
अजय सिंघल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के निवासी हैं। 1992 बैच के अधिकारी सिंघल ने इससे पहले राज्य में कई बड़े पदों पर अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

Ajay Singhal Profile: आईआईटी से डिग्री ली बने आईपीएस
अजय सिंघल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री ली है। हालांकि, इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी के बजाय उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। यूपीएससी की परीक्षा पास कर वह भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि ने प्रशासनिक और रणनीतिक निर्णयों में उन्हें हमेशा एक अलग पहचान दिलाई है।
Haryana DGP News: लंबा और प्रभावशाली पुलिस करियर
- 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में अजय सिंघल ने अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
- डीजीपी का पद संभालने से पहले वह हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक थे।
- इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़े और निर्णायक अभियान चलाए। महकमे में उनकी छवि एक ईमानदार और सख्त अधिकारी की है।
- इसके अलावा वह DG (Human Rights and Litigation) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां मानवाधिकार मामलों और कानूनी प्रक्रियाओं की निगरानी उनकी जिम्मेदारी रही।
- अपने करियर में उन्होंने जेल महानिदेशक (DG Prisons) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है।
अजय सिंघल माने जाते हैं टफ टास्क मास्टर
अजय सिंघल को डेडलाइन में टास्क डिलीवर करने के लिए जाना जाता है। उन्हें अनुशासित कार्यशैली के लिए जाना जाता है। सिंघल लंबे समय से पुलिस बल के आधुनिकीकरण, पुलिस विभाग में केस सॉल्व करने के लिए लेटेस्ट तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते रहे हैं। इसके अलावा, नए आपराधिक कानूनों और भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज करने और उसके क्रियान्वयन पर जोर देते हैं।
अजय सिंघल की गिनती उन अधिकारियों में होती है, जो मजबूत पुलिस व्यवस्था के साथ डेडलाइन में डिलीवरी पर जोर देते हैं। पुलिस महकमे में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में पुलिस पदक और 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान उनके लंबे और समर्पित सेवा रिकॉर्ड को बताने के लिए काफी हैं।












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