Haryana Lado Lakshmi Yojana: महिलाओं को नए साल में मिली सौगात, लाडो लक्ष्मी योजना में कैश के साथ बड़ा फायदा
Haryana Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana: हरियाणा सरकार ने साल 2026 में महिलाओं को बड़ी आर्थिक राहत दी है। इस योजना के तहत अब तक महिलाओं को हर महीने कैश आर्थिक मदद मिलती थी। नए साल में राज्य सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार किया है। इसमें कुछ और नई श्रेणियों को शामिल किया गया है। योजना के तहत अब पात्र महिलाओं को हर महीने कुल 2100 रुपये का लाभ मिलेगा। हालांकि, इसके वितरण के तरीके में अहम बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, योजना की राशि में से 1100 रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खाते में नकद भेजे जाएंगे। शेष 1000 रुपये सरकार की ओर से आरडी या एफडी (Recurring Deposit / Fixed Deposit) के तौर पर जमा कराए जाएंगे। महिलाओं को इस रेकरिंग या फिक्स डिपॉजिट राशि पर ब्याज भी मिलेगा। महिलाओं को इस संबंध में एसएमएस के जरिए जानकारी भी दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

Haryana Deen Dayal Lado Laxmi Yojana: नायाब सैनी का महिलाओं का बड़ा तोहफा
- नए साल की पहली बैठक में हरियाणा सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। सरकार ने योजना के तहत पात्रता की शर्तों को में बदलाव किया है।
- अब ऐसे परिवार, जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम हैं और जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, अगर वे 10वीं या 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, तो उनकी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
- अब तक करीब 8 लाख महिलाओं ने इसके लिए आवेदन किया है। हरियाणा सरकार की ओर से दी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत पात्र महिलाओं की संख्या बढ़कर 10 लाख के करीब हो सकती है।
Deen Dayal Lado Laxmi Yojana: कैश के साथ महिलाओं को मिलेगी एफडी
हरियाणा सरकार की इस योजना में अब तक महिलाओं को कैश ही मिलता था। अब कैश के साथ एफडी भी मिलेगी और इसके तहत एफडी या रेकरिंग के तौर पर जमा किए पैसों पर हर महीने महिलाओं को ब्याज का भी फायदा मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को कैश रकम के साथ ही ब्याज के तौर पर अतिरिक्त रकम भी मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 10 लाख 255 महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से करीब 8 लाख महिलाओं को सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
Haryana News: कुपोषण और एनीमिया पर भी फोकस
सरकार ने बच्चों में कुपोषण और एनीमिया को रोकने के लिए भी इस योजना को जोड़ा है। यदि कोई बच्चा पहले कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त था और अब स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो उसकी मां को भी 2100 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे माताओं को बच्चों के पोषण पर और अधिक ध्यान देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।












Click it and Unblock the Notifications