Haryana Chunav: कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली BJP का दामन भी दागदार! देखिए उम्मीदवारों के नाम

Haryana Chunav: बीजेपी राजनीति में वंशवाद और परिवारवाद को लेकर हमेशा कांग्रेस को निशाने पर लेती रही है। लेकिन, हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए जारी बीजेपी के 67 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट देखें तो ये भी दूध की धुली हुई नहीं है। बीजेपी के कई उम्मीदवार किसी न किसी राजनीतिक परिवार से जुड़े हैं और उनमें भी अधिकतर का नाता पहले कांग्रेस से ही रहा है।

हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस बार मुख्य रूप से चार राजनीतिक दल प्रमुखता से चुनाव मैदान में दिख रहे हैं। कांग्रेस, आईएनएलडी, जेजेपी और बीजेपी। इनमें से पहले तीन पर भाजपा वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही है।

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परिवारवाद पर बीजेपी के दामन में भी लगा दाग!
कांग्रेस पर इसलिए क्योंकि, राष्ट्रीय स्तर पर इस दल पर सोनिया गांधी का परिवार हावी है तो हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की फैमिली का वर्चस्व है। वहीं आईएनएलडी और जेजेपी तो एक परिवार से ही बनीं पार्टियां हैं।

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भाजपा ने जो 67 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है, उनमें से कम से कम 8 ऐसे लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है, जो किसी न किसी राजनीतिक परिवार से जुड़े हैं और उनमें से भी अधिकतर के डोर कांग्रेस पार्टी से लगते हैं।

राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा की मां को टिकट
इनमें सबसे चर्चित नाम है शक्ति रानी शर्मा का जिन्हें कालका सीट से टिकट दिया गया है। पू्र्व कांग्रेस नेता विनोद शर्मा के पत्नी शक्ति रानी राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा की मां हैं।

समालखा सीट से भी परिवारवादी उम्मीदवार को टिकट
इसी तरह से समालखा सीट से पूर्व विधायक करतार सिंह भड़ाना के बेटे मनमोहन भड़ाना पर दांव लगाया गया है। 1999 में हरियाणा में आईएनएलडी सरकार बनाने में करतार सिंह की बड़ी भूमिका रही थी। इन्होंने हरियाणा विकास पार्टी के विधायकों को तोड़कर ओम प्रकाश चौटाला की सरकार बनवाने में मदद की थी। वे 2012 में यूपी की खतौली विधानसभा सीट से आरएलडी के टिकट पर उपचुनाव जीते था और हाल में भाजपा में शामिल हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव को भी मौका
बीजेपी ने मौजूदा केंद्रीय मंत्री और गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से सांसद राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव को अटेली से मौका दिया है। खुद इंद्रजीत सिंह भी एक दशक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटे श्रुति चौधरी पर भी दांव
भाजपा के परिवारवाद के उदाहरण के तौर पर अगला नाम श्रुति चौधरी का लिया जा सकता है। उनकी मां किरण चौधरी इसी साल जून में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई हैं और पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया है। अब पार्टी ने श्रुति को तोशाम से उम्मीदवार बनाया है।

पूर्व सीएम भजनलाल के पोते को भी टिकट
अगला नाम है भव्य बिश्नोई का जो कुलदीप बिश्नोई के बेटे हैं। भाजपा ने उन्हें आदमपुर से टिकट दिया है। भव्य के दादा भजनाल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2007 में कांग्रेस से निकाले जाने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा जनहित पार्टी बनाई थी और 2011 और 2014 में बीजेपी की सहयोगी बन गई थी। 2016 में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। लेकिन, 2022 में वे खुद बीजेपी में शामिल हो गए थे।

हरियाणा बीजेपी की लिस्ट में ये भी हैं परिवारवाद के चेहरे
बीजेपी की इस लिस्ट में एक और नाम है कृष्ण लाल मिड्ढा का। इन्हें फिर से जींद से उतारा गया है। इनके पिता हरिचंद मिड्ढा आईएनएलडी के पूर्व विधायक रहे हैं। 2019 में भी उन्होंने जींद में कमल खिलाया था।

इसी तरह से चरखी दादरी से भाजपा ने पूर्व जेलर सुनील सांगवान को टिकट दिया है। वे पूर्व सांसद सतपाल सांगवान के बेटे हैं और पिछले शुक्रवार को ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं।

अब बात कर लें बादशाहपुर विधानसभा सीट की। यहां से बीजेपी ने राव नरबीर सिंह को टिकट दिया है। ये हरियाणा के पू्र्व मंत्री राव महावीर सिंह यादव के बेटे और पंजाब के पूर्व एमएलसी मोहर सिंह यादव के पोते हैं। इस तरह से भाजपा की पहली लिस्ट ही वंशावादी राजनीति के खिलाफ आवाज उठाने वाली पार्टी के लिए दागदार बन चुकी है।

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