Haryana Chunav 2024: JJP छोड़कर BJP में आए कितने नेताओं को मिला टिकट? जानें किस सीट से बनाया उम्मीदवार
Hayrana Vidhan Sabha Chunav 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर बुधवार 04 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पहली सूची जारी हो गई। बीजेपी द्वारा जारी गई इस लिस्ट में दूसरे दलों से आए नेताओं पर भी दाव लगाया गया है।
जी हां...जननायक जनता पार्टी (JJP) से BJP में शामिल हुए कई विधायकों को आगामी चुनावों के लिए टिकट दिया गया है। बीजेपी से जिन लोगों को टिकट मिला है, उनमें वे प्रमुख नेता शामिल हैं जो पहले जेजेपी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं।

इतना ही नहीं, उनका भाजपा में शामिल होना काफी चर्चा का विषय रहा है। खबर के मुताबिक, बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में दूसरे दलों से आने वाले कई नेताओं पर भरोसा जाताया है। इनमें जेजेपी से आने वाले देवेंद्र सिंह बबली को भी बीजेपी ने टिकट दिया है।
वहीं, जनचेतना पार्टी के प्रमुख पंडित विनोद शर्मा की पत्नी और अंबाला की मेयर शक्ति रानी शर्मा को भी प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी ने शक्ति रानी शर्मी को कालका से टिकट दिया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाली श्रुति चौधरी पर भी पार्टी ने भरोसा जताया है।
JJP से बीजेपी में शामिल हुए इन नेताओं को मिला टिकट
1. देवेन्द्र सिंह बबली को टोहना से बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
2- अनूप धानक को उकलाना (अजा) से बीजेपी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। अनूप धानक जेजेपी से विधायक रह चुके है।
3. रामकुमार गौतम को बीजेपी ने सफीदों सीट से उम्मीदवार घोषित किया है।
4. पवन कुमार खरखौदा को बीजेपी ने खरखौदा (अजा) सीट से प्रत्याशी बनाया है।
5. संजय कबलाना को बीजेपी ने बेरी सीट प्रत्याशी घोषित किया है।
इसके अलावा, बीजेपी ने पूर्व जेल अधीक्षक सुनील सांगवान को भी टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस से भाजपा में आए निखिल मदान, पूर्व सांसद श्रुति चौधरी, इनेलो के श्याम सिंह राणा को भी टिकट दिया है। इस लिस्ट में भव्य बिश्नोई भी शामिल हैं।
हालांकि, वह काफी समय पहले भाजपा में शामिल हुए थे और उनके पिता कुलदीप बिश्नोई पहले कांग्रेस में थे। श्रुति चौधरी कांग्रेस की दिगज नेता रही हैं और हाल ही में वह भाजपा में शामिल हुई हैं। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा सांसद भी बनाया है।
भाजपा की रणनीतिक चालें
जेजेपी के इन पूर्व सदस्यों का स्वागत करने और उन्हें टिकट देने का भाजपा का फैसला सत्ता को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रतिद्वंद्वी दलों के अनुभवी राजनेताओं को शामिल करके, भाजपा का लक्ष्य एक संयुक्त मोर्चा पेश करना और व्यापक मतदाता आधार को आकर्षित करना है।
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में विधायक राम कुमार गौतम भी शामिल हैं। जेजेपी से भाजपा में उनका जाना उनकी पूर्व पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। गौतम ने पार्टी छोड़ने के अपने कारणों के बारे में खुलकर बात की है और विचारधारा और नेतृत्व शैली में अंतर को मुख्य कारण बताया है।
जेजेपी पर प्रभाव
इन विधायकों के चले जाने से जेजेपी एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में आ गई है। पार्टी के सामने अब अपने कार्यकर्ताओं को फिर से खड़ा करने और समर्थकों का भरोसा जीतने की चुनौती है। अनुभवी नेताओं के चले जाने से आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस पलायन से मतदाताओं की गतिशीलता में बदलाव आ सकता है। जो निर्वाचन क्षेत्र कभी जेजेपी के गढ़ थे, वहां अब प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि भाजपा अपने नए सदस्यों के कारण बढ़त हासिल कर सकती है।












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