Haryana: चौ. देवीलाल के पोते आदित्य चौटाला व जीएल शर्मा ने छोड़ी भाजपा, ताऊ के 'खुलासे' के बाद इस्तीफा
Aditya Chautala GL Sharma BJP Haryana: हरियाणा भाजपा में सियासी बवाल थमने का नाम ले रही है। पार्टी छोड़ने वालों में पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल के पोते आदित्य चौटाला व प्रदेश उपाध्यक्ष जीएल शर्मा का भी नाम शामिल हो गया है। चौटाला का भाजपा छोड़ने का फैसला छोड़ने का फैसला थोड़ा अजीब है, क्योंकि इनकी सीट पर भाजपा ने अभी किसी को टिकट नहीं दिया।
आदित्य चौटाला ने हरियाणा मुख्यमंत्री को मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा भेज दिया है। ये चौधरी देवीलाल के सबसे छोटे बेटे जगदीश चौटाला के बेटे हैं। डबवाली सीट से भाजपा की टिकट मांग रहे थे।

हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों में 67 सीटों पर भाजपा ने बुधवार रात को उम्मीदवार घोषित किए थे। उनमें डबवाली सीट से किसी को टिकट नहीं दिया गया। शेष 23 उम्मीदवारों की सूची डबवाली पर भी प्रत्याशी उतारा जाएगा।
मीडिया की खबरों के अनुसार आदित्य चौटाला का कहना है कि हरियाणा चुनाव 2024 में डबवाली सीट से सिंगल पैनल में अकेले उन्हीं का नाम था, लेकिन भाजपा ने जानबूझकर चीजों का लटका रही है। इसकी वजह से उनके समर्थकों में गलत संदेश जा रहा है।

भाजपा सिरसा जिलाध्यक्ष रह चुके आदित्य चौटाला के इस्तीफे को इनके ताऊ रणजीत चौटाला से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा की पहली सूची जारी होने के बाद कैबिनेट मंत्री से पद से इस्तीफा देने वाले रणजीत चौटाला ने समर्थकों की बैठक में कथित रूप से कहा था कि भाजपा डबवाली से उनको देना चाह रही थी।
रणजीत चौटाला के इस्तीफा दिए जाने के कुछ देर बाद ही आदित्य चौटाला ने भी भाजपा छोड़ दी थी। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपाा जवाइन करने वाले आदित्य चौटाला करीब एक साल पहले ही हरियाणा सरकार में मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन बनाए गए थे।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने आदित्य चौटाला को डबवाली सीट से टिकट दिया था, मगर कांग्रेस के अमित सिहाग के सामने आदित्य चुनाव हार गए थे।

प्रदेश उपाध्यक्ष जीएल शर्मा ने भी छोड़ी
हरियणा भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जीएल शर्मा ने पार्टी छोड़ दी। शर्मा गुरुग्राम से टिकट मांग रहे थे, मगर भाजपा ने मुकेश को टिकट दिया है। अब भाजपा छोड़ने के बाद जीएल शर्मा 8 तारीख को कांग्रेस ज्वाइन करेंगे।
भाजपा के नेता भी हो गए बागी
1. रणजीत चौटाला रानिया सीट (Ranjit Chautala Raniyan Seat Haryana) सिरसा जिले के रानियां सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज राज्य मंत्री रणजीत चौटाला भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। चौटाला पहले रानियां सीट से निर्दलीय चुनाव जीत भी चुके हैं। निर्दलीय जीतकर ही भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने रानियां से शीशरपाल कंबोज को टिकट दिया है।
2. सावित्री जिंदल हिसार सीट (Savitri Jindal Hisar Seat Haryana) देश की सबसे अमीर महिला को भी भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने बगावत कर डाली। सावित्री जिंदल हिसार से टिकट मांग रही थीं, मगर भाजपा ने मौजूदा विधायक कमल गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में गुरुवार सुबह सावित्री जिंदल ने समर्थकों को सम्बोधित किया और निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। खुद भी पूर्व में विधायक रह चुकी सावित्री जिंदल के बेटे नवीन जिंदल वर्तमान में कुरुक्षेत्र से सांसद हैं।
3. लक्ष्मण दास नापा रतिया सीट (Laxman Das Napa Ratia Seat Haryana) फतेहाबाद जिले की रतिया आरिक्षत सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक लक्ष्मण दास नापा ने पार्टी छोड़ दी। पार्टी ने सिरसा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल को मैदान में उतारा है।
4. कर्णदेव कंबोज इंद्री सीट (Karnadev Kamboj Indri Seat Haryana) पूर्व मंत्री कर्ण देव कंबोज ने इंद्री सीट से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ दी। भाजपा पदाधिकारियों को भेजे इस्तीफे में लिखा कि पार्टी में नुकसान पहुंचाने वाले गद्दारों को तवज्जो दी जा रही है, जबकि वफादार कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा ने इंद्री से रामकुमार कश्यप को टिकट दिया है।
5. कविता जैन सोनीपत सीट (Kavita Jain Sonipat Seat Haryana) भाजपा ने सोनीपत सीट पर 20 साल में पहली 'पंजाबी' दांव खेलते हुए निखिल मदान को मैदान में उतारा। पिछली बार चुनाव हार चुकीं पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन मंच पर भावुक हो गई और बोलीं कि उन्होंने आलाकमान तक अपनी बता पहुंचाइ है। 8 सितंबर को कार्यकर्ताओं से बातचीत करके आगामी फैसला लेंगी।












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