Gurugram Rain: हर साल गुरुग्राम बारिश में हो जाती है बेहाल, जमीन के नीचे बह रही इस नदी है इसके पीछे वजह!
Gurugram Rain: गुरुग्राम में हर साल मानसून के मौसम में भारी अव्यवस्था हो जाती है। सोमवार को हुई भारी बारिश की वजह से साइबर सिटी में घंटों लंबा जाम लग गया। कुछ इलाकों में तो लोग तीन-चार घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे। इस जलभराव और अव्यवस्था पर राजनीतिक बयानबाजी का भी दौर जारी है। हालांकि, गुरुग्राम के जलभराव की समस्या के पीछे शहर का भौगोलिक इतिहास भी है। कहते हैं जमीन के नीचे बह रही एक नदी की वजह से यह शहर बारिश में बेहाल हो जाता है।
दरअसल गुरुग्राम शहर को साहिबी नाम की एक नदी और कई तालाब को पाटकर बसाया गया है। साहिबी नदी एक समय में इस क्षेत्र की बड़ी बरसाती नदी थी, लेकिन आज इसका नामो निशान भी नहीं बचा है। यह नदी जयपुर के जीतगढ़ से निकलकर अलवर, हरियाणा और दिल्ली के रास्ते यमुना नदी में मिलती थी।

Gurugram Rain: नदियों और तालाब को पाटकर बना शहर
साहिबी नदी का पानी नजफगढ़ झील और नाले के माध्यम से यमुना तक पहुंचता था। 1980 के दशक तक यह नदी नजर आती थी, लेकिन जैसे-जैसे शहरीकरण का विस्तार होता गया नदियों का अतिक्रमण होने लगा। आज गुरुग्राम का जो स्वरूप हमारे सामने है वह ऐसी ही एक बरसाती नदी और 5 छोटी-छोटी झीलों पर बना है। शहरीकरण का विस्तार हुआ, लेकिन मौसम में बदलाव के बाद नदी का पानी सूखता गया और उसके किनारे सिकुड़ते गए। नदी की जमीन को ही पाटकर गगनचुंबी इमारतें खड़ी की गईं। बड़ी इमारतों के लिए अतिक्रमण तो हुआ, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम और बरसात के पानी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया। इसका नतीजा हर साल बारिश के मौसम में नजर आता है। दो घंटे की बारिश में शहर पानी में डूब जाता है और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
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साहिबी नदी के पानी को रोकने के लिए बना था बैराज
साहिबी नदी पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। 1980 के दशक तक इस नदी में पानी बहता था और इस पानी को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इसके बहाव को नियंत्रित करने के लिए मसानी बैराज बनाया गया था। नदी के बहाव वाले क्षेत्र अलवर से लेकर गुरुग्राम तक बड़े पैमाने पर निर्माण काम हुआ और हाईवे से लेकर आलीशान अट्टालिकाएं खड़ी हो गईं। आज गुरुग्राम में बारिश का मौसम आते ही सड़कें नदियों में बदल जाती हैं। चमचमाता शहर नदी की जमीन पर बसे होने के चलते बारिश में तालाब बना जाता है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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