अपनी सेना बनाने की तैयारी में था बाबा, मिसाइल और बम बनवाना चाहता था गुरमीत
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वीरेंद्र कीमदद से बनाना चाहता था मिसाइल
दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक कैथल जिले के वीरेन्द्र सिंह नाम के छात्र की मदद से वह अपने नापाक मंसूबे पूरे करना चाहता था। आपको बता दें कि 2002 में वीरेन्द्र सिंह ने स्कूल में पढ़ते हुए मिसाइल का एक मॉडल बनाया था। उसके इस मॉडल को देखकर वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने भी इस छात्र की सराहना की थी। बीरेंद्र ने बम भी बनाया था। उसकी ये उपलब्धियां जब मीडिया की सुर्खियां बनी तो बाबा तक पहुंच गई। जिसके बाद बाबा ने वीरेंद्र को अपने पास बुलाया। बाबा ने मिसाइल बनाने की मंशा से इस छात्र को स्कूल में दाखिला दिया। डेरे में इस छात्र को विशेषाधिकार हासिल था। वह बाबा की गुफा में कभी भी आ जा सकता था।

इसलिए वीरेंद्र ने साथ छोड़ दिया
कैथल के गांव बढसिकरी का लड़के बाबा अपने साथ कार में लेकर घुमता भी था। राम रहीम अक्सर उससे रिसर्च के बारे में बात करता था। बाबा का बेटा भी इस लड़के से अपनी दोस्ती बढ़ाना चाहता था। लेकिन वीरेंद्र के ज्यादा सवाल जबाव के चलते बाबा ने उससे दूरियां बनानी शुरू कर दी। यही नहीं वीरेंद्र को भी बाबा की सच्चाई का एहसास हो गया। बाद में उसने स्कूल को छोड़ दिया। फिलहाल वीरेंद्र नरवाना में रहता है।

राम रहीम के समर्थकों ने छोड़ा साथ
राम रहीम की प्रॉपर्टी अटैच होने की कार्रवाई के दौरान ही अब डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना के समर्थकों ने राम रहीम के जेल जाने के बाद अपने आप को अलग कर लिया है। समर्थकों हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर मांग की गई है कि गुरमीत सिंह राम रहीम से उनका कोई वास्ता नहीं है और वे शाह मस्ताना के अनुयायी हैं। ऐसे में शाह मस्ताना के डेरों को गुरमीत राम रहीम के मामले में अटैच न किया जाए। अर्जी में कहा गया कि शाह मस्ताना महान फकीर थे। उनके समय में 17 डेरे थे जिनका कुछ खास व्यावसायिक आधार नहीं है।












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