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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2020: यहां जुट रहे कई देशों के श्रद्धालु, 55 हजार विद्यार्थी करेंगे श्लाकों का पाठ

कुरुक्षेत्र। प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी को हिंदू मजहब के अनुयायियों द्वारा गीता जयंती मनाई जाती है। इस बार ये 25 दिसंबर को आ रही है। हजारों वर्ष पहले इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को कुरुक्षेत्र के मैदान में महाभारत युद्ध से पहले दिव्य ज्ञान दिया गया था। वहां जो उपदेश उन्होंने दिए, उनके संकलन को श्रीमद्भागवत गीता का रूप दिया गया। और, इसीलिए इस दिन महाग्रंथ यानी गीता, भगवान श्रीकृष्ण और वेद व्यासजी की पूजा करके ये पर्व मनता रहा है। कुरुक्षेत्र अब हरियाणा का एक जिला है और पिछले कई वर्षों से सरकार यहां अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन करा रही है।

क्रिसमस और गीता जयंती एक ही दिन

क्रिसमस और गीता जयंती एक ही दिन

इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव 17 दिसंबर को शुरू हुआ, जो कि 25 दिसंबर तक चलेगा। 25 दिसंबर को ही दुनिया में सबसे ज्यादा सेलिब्रेट किया जाना वाला खास दिन "क्रिसमस डे" भी है। ऐसे में यहां जुटने वाले विदेशियों के दोनों पर्व एक साथ मनेंगे। हरियाणा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बताया गया कि, गीता जयंती के लिए ही शिक्षा विभाग की ओर से 11 से लेकर 19 दिसंबर तक ऑनलाइन जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिसमें निबंध लेखन, गीता श्लोकाेच्चारण, भाषण, संवाद और पेंटिंग शामिल हैं। इसके अलावा 20 व 21 दिसंबर को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हुईं। वहीं, 22 और 23 दिसंबर को राज्य स्तरीय प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

कोरोना के कारण हुईं ऐसी तैयारियां

कोरोना के कारण हुईं ऐसी तैयारियां

महोत्सव के लिए सरकार ने जो व्यवस्था कराई हैं, उनमें एक यह भी है कि, विश्व में कहीं भी बैठे लोग कुरुक्षेत्र की 48 कोस की सांस्कृतिक यात्रा को देख सकते हैं। 48 कोस की सांस्कृतिक यात्रा में 134 तीर्थों के पौराणिक इतिहास को तथ्यों सहित वीडियो फिल्मों के माध्यम से दिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुरुक्षेत्र के पौराणिक किस्से-कहानियों को भी आनलाईन दिखाया जा रहा है। विशेष प्रसारण के लिए आईएएस अधिकारी वैशाली सिंह को जिम्मेवारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि, कोरोना महामारी से बचाव को ध्यान में रखते हुए ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2020 को भी देश-दुनिया में महोत्सव से जुड़े भक्तों व पर्यटकों तक लाइव प्रसारण प्रस्तुत किया जा रहा है।

55 हजार विद्यार्थी करेंगे गीता का पाठ

55 हजार विद्यार्थी करेंगे गीता का पाठ

कुरुक्षेत्र के जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, धर्मनगरी में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जयंती वाले दिन यानी कि, 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे देशभर के स्कूलों के 55 हजार विद्यार्थी सामूहिक गीता श्लोक पाठ करेंगे। जिसमें 21 जिलों के चयनित 50-50 स्कूलों के विद्यार्थी और कुरुक्षेत्र के 9 हजार विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि, विद्यार्थियों को गीता श्लोक का पाठ इंटरनेट के जरिए भेजा जाएगा, ताकि विद्यार्थी गीता श्लोक पाठ की तैयारी कर सकें। उन्होंने बताया कि, इस बार कोरोना महामारी के चलते प्रशासन का फोकस ऑनलाइन कार्यक्रमों पर रहा है।

8 दिसंबर को मनी थी पिछली गीता जयंती

8 दिसंबर को मनी थी पिछली गीता जयंती

गीता जयंती पिछले वर्ष 8 दिसंबर को मनाई गई थी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का मुख्य आयोजन मुख्यमंत्री खट्टर की अगुवाई में किया गया था। मार्गशीर्ष माह की एकादशी से पहले खट्टर एवं उत्तराखंड के सीएम और राज्यपाल ने गीता पूजन व यज्ञ के साथ उसका शुभारंभ कराया। इस अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, मॉरिशस, कैनेडा, इंग्लैंड, जापान, नेपाल समेत 9 देशों विद्वान पहुंचे। गीता जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के प्रसंग का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब से 5156 बरस पहले भगवान श्रीकृष्ण ने जो दिव्य संदेश कुरुक्षेत्र से दिया, वो दुनिया के 600 करोड़ लोगों तक पहुंचे।'

कब से मन रहा है अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव?

कब से मन रहा है अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव?

वर्ष 2013 में, यानी अब से छह साल पहले से, 5151 वर्ष पहले गीता का जन्म मानते हुए काल गणना के साथ जयंती मनाने की परंपरा शुरू की गई थी। काल गणना के साथ तब से कुरुक्षेत्र में आयोजन होते चले आ रहे हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से गीता जयंती का काल निर्धारण नहीं दिखाया गया और न ही ऐसी कोई घोषणा की गई। ऐसा माना जाता है कि किसी तरह के विवादों के चलते ही इस बार काल गणना को प्रचारित नहीं किया गया। हालांकि, उक्त गणना के हिसाब से इस बार गीता की 5158वीं जयंती है।

जानिए कैसे पहुंचें कुरुक्षेत्र?

जानिए कैसे पहुंचें कुरुक्षेत्र?

यदि आप बस से आना चाहते हैं, तो हरियाणा रोडवेज की बसें अन्य पड़ोसी राज्यों तक चलती हैं। राज्य निगम बसें कुरुक्षेत्र को दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों जैसे अन्य शहरों से जोड़ती हैं। दिल्ली (160 किलोमीटर), अंबाला (40 किमी) और करनाल (3 9 किमी) से बसों को अक्सर उपलब्ध होते हैं। कुरुक्षेत्र, पिपली से लगभग 6 किलोमीटर दूर है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-1 पर एक महत्वपूर्ण रोड जंक्शन है, जिसे लोकप्रिय रूप से ग्रैंड प्रधान मार्ग कहते हैं।

दिल्ली-चंडीगढ़ यहां के नजदीकी एयरपोर्ट

दिल्ली-चंडीगढ़ यहां के नजदीकी एयरपोर्ट

हरियाणा में कुरुक्षेत्र तक पहुंचने के लिए यदि आप हवाई जहाज से आ रहे हैं तो यहां के निकटतम हवाई अड्डे दिल्ली और चंडीगढ़ में हैं, जो सड़क और रेल द्वारा कुरुक्षेत्र से जुड़े हैं। हवाई अड्डे से टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। दिल्ली कुरुक्षेत्र से 160 किमी दूर है। यदि आप ट्रेन से आ रहे हैं तो कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन, जिसे कुरुक्षेत्र जंक्शन भी कहा जाता है, मुख्य दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित है।

अन्य दर्शनीय स्थल भी देख सकते हैं

अन्य दर्शनीय स्थल भी देख सकते हैं

कुरुक्षेत्र शहर के चारों ओर और आसपास में भी कई दर्शनीय स्थल हैं। कुरूक्षेत्र में जाने के लिए ऑटो, टैक्सी आदि की सेवा भी ली जा सकती है।कुरुक्षेत्र देश के सभी महत्वपूर्ण शहरों और शहरों के साथ अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

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