किसानों ने कृषि मंत्री और विधायक को काले झंडे दिखाए, भिवानी पुलिस ने पकड़कर 2 घंटे बाद छोड़े
भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 7 महीने से जारी किसान आंदोलन थम नहीं रहा। सरकारी प्रतिनिधियों से कई दौर की वार्ता के बावजूद इस मुद्दे पर कोई हल नहीं निकला। किसान-प्रदर्शनकारी आए रोज कहीं न कहीं भाजपा नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगते हैं। इस बार प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कृषि मंत्री व विधायक को हांसी गेट पर काले झंडे दिखाए। नारेबाजी भी की। इस पर पुलिस ने 7 किसान नेताओं को गिरफ्तार कर 2 घंटे तक थाने में बैठाए रखा। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा भी कर दिया गया।

भिवानी में गिरफ्तार किसानों के साथ शहर थाना इंचार्ज द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने का मामला भी सामने आया है। किसान प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, एक रिटायर्ड मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारी व किसान नेता के पीछे से लात मारी गई। इसलिए विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी वजह से किसान व मजदूर संगठनों ने शहर में राज्य सरकार की शव यात्रा निकाली और लघु सचिवालय के सामने पुतला भी फूंका। प्रर्दशनकारियों ने शहर थाना इंचार्ज पर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा है। इसके लिए 6 सदस्यीय कमेटी एसपी से मिली। इस मामले में एसपी अजीत सिंह ने जांच-पड़ताल कर उचित कार्रवाई की बात कही।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता कामरेड ओमप्रकाश, गंगाराम स्योराण, मास्टर राज सिंह, कमल प्रधान आदि ने कहा कि, कृषि कानूनों, बिजली बिल-2020 व अन्य किसान-मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ वे 7 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते 500 से ज्यादा लोग जान भी गंवा चुके हैं। बावजूद इसके सरकार कानूनों को लागू करने पर आमादा हैं। ऐसे में किसान-मजूदर भाजपा नेताओं को ही तो घेरेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हमें प्रदेश के मंत्री व भाजपा के विधायक के आने की सूचना मिली थी। जिस पर किसान शांतिपूर्ण तरीके से रोड पर खड़े होकर काले झंडे दिखा रहे थे। इसी बात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। किसानों की गिरफ्तारी और उनसे दुर्व्यवहार अब किसान संगठनों को बर्दाश्त नहीं होगा। हमारा आंदोलन तेज होगा।












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