हरियाणा: भाजपा सरकार के 2500 दिन पूरे, विरोध में हजारों आंदोलनकारी किसान जुटे, CM के खिलाफ दे रहे धरना

चंडीगढ़। सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ महीनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शनकारियों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। बड़ी संख्या में जुटे किसान प्रदर्शनकारी आज हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ पहुंचे और चंडीगढ़ प्रेस क्लब के पास धरना दिया। इस दौरान यहां पर उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के जश्न में खलल डालने की कोशिश और पत्रकार वार्ता कर रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल, भाजपा की सरकार के हरियाणा में 2500 दिन पूरे हो गए हैं...और भाजपाई खुशी मना रहे हैं। वहीं, आंदोलन कर रहे किसान सरकार के रूख से खफा हैं और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

Farmers protest

आज किसानों ने हरियाणा की राजधानी में कई स्थानों पर जुटने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोका। मगर, किसानों ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब के पास एकत्रित होकर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ खूब नारेबाजी की। यहीं से कुछ ही दूर मुख्यमंत्री राज्य में भाजपा सरकार के 2500 दिन पूरे होने पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कई किसान पदाधिकारियों ने कहा कि, भाजपा की सरकार किसानों पर जुल्म ढा रही है। किसानों को पुलिस से पिटवाया जा रहा है। शनिवार को करनाल में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की कार्रवाई की गई, जिसमें काफी किसानों को चोटें आई थीं। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के विरुद्ध राज्य में किसान आंदोलनकारी नए सिरे से विरोध-प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए हैं।

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महापंचायत का आयोजन
करनाल में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की कार्रवाई पर चर्चा के लिए किसानों ने महापंचायत का आयोजन किया है। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। किसान संगठनों के हरियाणा प्रदेश प्रमुखों ने कहा कि, पुलिस बर्बर कार्रवाई से बाज आए। अन्नदाता ही देश का ​भविष्य हैं।

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पुलिस ने किया किसानों के आरोप का खंडन
सीएम खट्टर के खिलाफ शनिवार को करनाल में जुटे प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई थी। जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। लाठीचार्ज के आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने दावा किया कि, पुलिस की बर्बर कार्रवाई में एक किसान की मौत हो गई है और मृत किसान का नाम सुशील काजल है। वहीं, पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी सफाई दी और अब किसानों के दावे का खंडन भी किया है। करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया ने है कहा कि, कुछ लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि, एक व्यक्ति की पिटाई से मौत हो गई है..तो मैं बता रहा हूं ऐसा नहीं है। वो (मृत किसान) किसी भी अस्पताल नहीं गया। वह स्थित अवस्था में घर गया और सोते वक्त उसकी मौत हुई। कुछ लोग कह रहे हैं कि उसकी मौत हार्टअटैक से हुई है। लाठीचार्ज में उसकी मौत होने की खबरें गलत हैं।

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