हरियाणा में बन रही है देश की पहली डबल डेकर ट्विन टनल, एक साथ एक साथ गुजरेंगी 2 ट्रेनें
अरावली में मालवाहक और यात्री डबल डेकर ट्रेनों के लिए एक अनोखी सुरंग बनाई गई है। इसमें एक साथ दो डबल डेकर ट्रेनें चल सकेंगी।

देश के राज्यों में भारतीय रेलवे डबल डेकर की ट्रेन चला रहा है। जिनके जरिए माल और यात्री दोनों को ढोया जा रहा है। अब इस प्रोजक्ट को रेलवे एक कदम और आगे लेकर जा रही है। रेलवे सोनीपत और मानेसर के बीच डबल डेकर ट्रेनों के लिए देश की पहली ऐसी सुरंग बनाने जा रही है।
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) अरावली की पहाड़ियों में अपनी तरह की एक 4.7 किमी डबल सुरंग का निर्माण करेगा। दावा किया जा रहा है कि, यह दुनिया की पहली ऐसी सुरंग होगी, जिसमें एक साथ दो-दो डबल डेकर मालवाहक ट्रेनें गुजर सकेंगी।
हरियाणा के सोहना और नूंह के बीच अरावली में मालवाहक गाड़ियों में एक खास सुरंग बनाने का काम चल रहा है। इस सुरंग से एक साथ दो दो डबल डेकर ट्रेनें गुजर सकेंगी। ये कॉरिडोर उत्तरप्रदेश के दादरी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल तक बनाया जा रहा है।
इस सुरंग से हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) पर चलने वाली डबल डेकर माल और यात्री ट्रेनें गुजरेंगीं। यह रास्ता सोहना और मानेसर के रास्ते पलवल और सोनीपत को जोड़ता है। इस सुंरग की ऊंचाई 25 मीटर होगी।
सुरंगों को बाकी कॉरिडोर से एक वायडक्ट के माध्यम से जोड़ा जाएगा जो 3.5-किमी लंबी और 25-मीटर ऊंची होगी। एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल ने बताया कि, ट्विन टनल्स और वायडक्ट में जटिल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया गया है। सभी तकनीकी मानकों को निर्धारित करने के बाद ही इस साल के अंत तक सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर जारी होंगे।
माना जा रहा है कि, ये टनल 2026 तक बनकर तैयार हो जाएंगी। ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के साथ बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये कॉरिडोर मुख्य रूप से मानेसर और सोहना जैसे दक्षिण हरियाणा के औद्योगिक केंद्रों के साथ-साथ सोनीपत में खरखौदा के लिए फायदेमंद होगा। खरखौदा भविष्य का ऑटोमोबाइल केंद्र है, जहां मारुति ने नया विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है।












Click it and Unblock the Notifications