तारीख पे तारीख से मिले छुटकारा, निर्दोष व्यक्ति को सजा न हो और दोषी बचे नहीं-सीएम सैनी
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हरियाणा के हर एक व्यक्ति को न्याय दिलाना और उनके कष्ट को दूर करना हमारे सरकार का कर्तव्य है। हमारा संकल्प है कि किसी भी गरीब व्यक्ति पर अन्याय होता है तो उसको न्याय दिलाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमने अधिकारियों को इस बात के निर्देश दिए है। हम चाहते है कि निर्दोष व्यक्ति को सजा न हो और दोषी बचे नहीं। पीड़ित व्यक्ति को तारीख पे तारीख से छुटकारा मिले और हरियाणा नशा मुक्ति बने। आईए जानते है उन्होंने हरियाणावासियों के लिए क्या कहा
सीएम सैनी ने कहा प्रदेश के सभी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी। जेल से ही कैदियों की विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी। इसी प्रकार ई-समन और ई-चालान को भी पूरे प्रदेश भर में लागू किया जाए इसको लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है। इससे गवाहों को अपना बयान देने के लिए कोर्ट में जाने की आवश्यकता नहीं है। वो वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही दे सकता है। उसको कोर्ट में जाने की आवश्यकता नहीं है। इस तीनों कानून को पूर्ण रुप से 31 मार्च तक लागू करने का निर्णय लिया गया है।

इस दौरान उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि बहन, बेटियों की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। हमने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को जिला स्तर की जो कमेटियां गठित की है वो गठित कमेटियां सही ढ़ंग से काम करे। इस बैठक में मैने इस विषय पर भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हमने ये भी निर्णय किया है नशे के विरुद्ध जितने भी कार्यक्रम है उनको सही ढंग से चलाया जाए ताकि हमारा युवा नशे से दुर हो सके और हमारा हरियाणा नशा मुक्त हो सके। इसको लेकर हर जिले में नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए है। नशामुक्ति केंद्र के निगरानी के लिए भी हमने अधिकारियों को निर्देश दिए है।
सीएम सैनी ने कहा कि बड़े हादसे को देखते हुए सड़क सुरक्षा की भी नियमित बैठक हो इसके लिए हमने निर्देश किया है। ताकि एक्सीडेंट न हो। अवैध खनन को लेकर भी हमने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इसके लिए ज्वाइंट कमिटी काम करेगी। हर थाने में एक बाल कल्याण अधिकारी होंगे जो किशोरों और बच्चों को लैंगिक अपराधों के प्रति जागरुक करेंगे। उन्हें इसका प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान बाल बिबाह को रोकने के लिए भी पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए 112 डायल करके शिकायत की जा सकती है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुई हिंसा की शिकायत भी इस नंबर पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ फर्जी कंपनियां लोगों से पैसे ऐठने का काम करते है इसपर हमने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। महीने में हर गांव के अंदर एक दिन हमारा एसपी और डीसी वहां रुकेगा और उनकी समस्याओं को सुनकर उसका निदान करने का कार्य करेगा।












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