महिलाओं के साथ बदसलूकी का अड्डा बन गए हैं किसान आंदोलन स्थल: सीएम मनोहर लाल खट्टर
जींद, 17 जून। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को 6 महीने से अधिक का समय हो चुका है। हालांकि इस दौरान केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच कई बार बैठके हुईं लेकिन कोई हल नहीं निकाला जा सका। अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर किसानों के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शांति के साथ आंदोलन से उनको कोई आपत्ति नहीं है लेकिन प्रदर्शन स्थल अब महिलाओं के साथ बदसलूकी का अड्डा बन गया है।

गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी किसान लगातार हरियाणा सरकार के खिलाफ भी अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं, बीते दिनों कोरोना की दूसरी लहर में कुछ किसानों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर के दौरा स्थल पर पहुंच उनके खिलाफ नारे बाजी की थी। गुरुवार को जब उनसे किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने आंदोलन स्थल पर महिलाओं को असुरक्षित बता दिया। सीएम खट्टर ने कहा, 'शांतिपूर्ण किसानों का विरोध जारी रहता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विरोध स्थलों पर होने वाली हिंसक और अनैतिक गतिविधियां बहुत चिंता का विषय हैं। आंदोलन स्थल महिलाओं के साथ बदसलूकी का अड्डा बन गए हैं।'
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किसान आंदोलन में गए शख्स की मौत
वहीं दूसरी ओर हरियाणा में कथित तौर पर किसानों के विरोध स्थल आग लगाए जाने की घटना में जींद निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि मृतक के भाई के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और बाद में इसे 302 (हत्या) में बदल दिया गया था। पुलिस ऑफिसर जयभगवान ने कहा, मृतक के भाई ने अपने बयान में कहा कि उसका भाई किसानों के धरने पर गया था जहां उसे आग के हवाले कर दिया गया, उसने कुछ लोगों का नाम लिया था। पोस्टमॉर्टम हो चुका है, तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। हमें बताया गया है कि आरोपी जींद के रहने वाले हैं। इस मामले पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा, 'एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। हम जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे'।












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