हरियाणा में खोले जाएंगे 5 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’, सरकार ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी’ भी बना रही
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार 5 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' खुलवाएगी। ऐसे हर सेंटर के लिए ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह ऐलान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किया। चौटाला ने कहा कि ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में शोध एवं विकास के लिए राज्य में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' खोले जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, बहुतकनीकी संस्थानों में भी रिसर्च सेंटर आरंभ किए जाएंगे, जिनको 25-25 लाख की वित्तीय मदद मिलेगी।

'हरियाणा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी' को लेकर भी सरकार तैयारी कर रही है। इस बारे में उपमुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार द्वारा ई-व्हीकल निर्माता कंपनियों, प्रयोग करने वाले वाहन चालकों तथा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले लोगों को फोकस करके यह पॉलिसी बनाई जा रही है, जिसमें उनको विशेष छूट दी जाएंगी।"
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारी सरकार दोपहिया, तिपहिया और 4 व्हीलर ई-व्हीकल्स को प्रोत्साहित करने पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार की योजना है कि 2022 में राज्य में ई-व्हीकलों की भारी तादाद हो। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि ई-व्हीकल के लिए बनाई जा रही पॉलिसी पूरे देश में सर्वोत्कृष्ट हो।
सोलर वाटर पंपिंग स्कीम
प्रदेश में किसानों को सरकार की ओर से सोलर वाटर पंपिंग स्कीम के तहत सोलर पंप देने की शुरुआत हो चुकी है। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के किसानों को ये सौगात दी। इस योजना का क्रियान्वयन PM-KUSUM स्कीम के अंतर्गत किया जा रहा है। इस बारे में कल मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारी सरकार लघु सिंचाई पर विशेष ध्यान दे रही है। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में 50 हजार पंप लगाए जाएंगे। और 7 साल में 25 हजार से ज्यादा पंप लगाए गए हैं।












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