दूसरे आरोपी की DNA रिपोर्ट के आधार पर नाबालिग के साथ रेप का आरोपी हुआ बरी
हरिद्वार में नाबालिग के साथ गैंगरेप के मामले में आरोपी को गलत डीएनए की रिपोर्ट के आधार पर रिहा कर दिया गया। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि यह कॉपी पेस्ट एरर का मामला है, लेकिन हम इसके खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे।

हरिद्वार की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 16 साल की लड़की के साथ 2020 में रेप के आरोप से बरी कर दिया है। आरोपी राजू जिसपर 16 साल की लड़की के साथ 2020 में रेप का आरोप लगा था, उसे दूसरे आरोपी शाहरुख की डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बनाया गया था। लेकिन 4 मार्च को राजू पर लगे आरोपों को वापस ले लिया गया, वहीं शाहरुख को उसी डीएनए रिपोर्ट के आधार पर 2 मार्च को जेल से रिहा कर दिया गया। राजू के मामले की बात करें तो अडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट काउंसिल भूपेंद्र चौहान ने जब मामले की तफ्तीश की तो इसे कॉपी-पेस्ट की गलती बताया।
डीजीसी इंद्रपाल बेदी ने कहा कि यह चिंता का विषय है और हम इसे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। अगर यह टाइपिंग की गलती है तो भी यह नहीं होना चाहिए था, यह मामला काफी संवेदनशील था, यह पोक्सो एक्ट का मामला था, लिहाजा यह गलती नहीं होनी चाहिए थी।
राजू के केस की बात करें तो पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। नाबालिग लड़की के पिता ने 17 जुलाई 2020 को आईपीसी की धारा 323, 506 और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार कर लिया था और उसे 24 जुलाई 2020 को जेल में भेज दिया था। हालांकि एक साल बाद उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में लड़की ने बयान दिया था कि वह खेत में अनाज इकट्ठा करने गई थी, इसी दौरान राजू ने उसे खींचा और उसके साथ रेप किया। लेकिन इस मामले में डॉक्टर ने मेडिकल रिपोर्ट में कहा कि लड़की के साथ रेप का कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं।
अभियोजन पक्ष के एडीजीसी चौहान ने सबूत के तौर पर डीएनए रिपोर्ट को पेश किया, जिसमे कहा गया था कि शाहरुख के ब्लड सैंपल पीड़िता के वेजाइनल स्वैब से मैच नहीं हुए हैं। लेकिन मामले में असल आरोपी राजू था नाकि शाहरुख। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता अपने बयान से मुकर गए। बाद में कोर्ट ने राजू को सबूतों के अभाव में गलत डीएनए रिपोर्ट के आधार पर रिहा कर दिया।
वहीं एक दूसरे मामले में जिसमे शाहरुख आरोपी था, शाहरुख और उसके दोस्त उस्मान पर उसपर आईपीसी की धारा 323, 263, 276 डी, 376 (3), 506 और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। शाहरुख के खिलाफ 15 साल की लड़की के पिता ने हरिद्वार लक्सर में 1 अप्रैल 2021 में केस दर्ज कराया था। इस मामले में डॉक्टर ने लड़की का परीक्षण किया, जिसमे कहा गया कि लड़की के गुप्तांग से खून बह रहा था, गुप्तांग में काफी चोट आई है, जिसके बाद लड़की के साथ रेप के संकेत मिले थे। मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि लड़की के सीने और पेट में चोट आई थी।
मजिस्ट्रेट के सामने बयान में पीड़िता ने कहा था कि उसे रात में अगवा कर लिया गया था। दोनों ही आरोपी लड़की को गन्ने के खेत में लेकर गए और उसके हाथ को बांध दिया और उसके साथ रेप किया। इस मामले में पिता और लड़की अपने बयान से मुकर गए और कोर्ट ने दोनों ही आरोपियों को रिहा कर दिया, दोनों को संदेह के आधार पर रिहा कर दिया गया।












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