आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज के लिए मांगे जा रहे पैसे, पत्नी को रिक्शे पर लादकर भटक रहा पति
हापुड़। उत्तर प्रदेश में सरकार करोड़ों रुपए गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर खर्च कर रही है। सरकार और भी कई सुविधाएं देने के लाख दावे कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। दरअसल यूपी के हापुड़ में सरकार की तरफ से गरीबों के लिए चल रही समस्त योजनाओं को अंगूठा दिखाया जा रहा है।

मामला 108 एंबुलेंस से या 102 एंबुलेंस से जुड़ा है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा गरीब मजदूर लोगों के लिए 50 हजार तक का स्वास्थ्य सेवा निशुल्क प्रदान करने की योजना के तहत कार्ड भी बनाए गए थे। आयुष्मान कार्डधारी से जब बात की गई तो उसका आरोप है कि उनके पास कार्ड होने के बावजूद भी सरस्वती मेडिकल कॉलेज में 7000 रुपए की वसूली की गई तो वहीं प्राइवेट जीएस मेडिकल कॉलेज में भी 700 रुपए की वसूली की गई। उसके बाद भी हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां भी 300 रुपए की वसूली करते हुए वहां से भगा दिया गया।

स्वास्थ्य सेवा के लिए 108-102 एंबुलेंस गरीब लोगों को स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए लाने और ले जाने के लिए उपलब्ध कराई गई जो पूर्णता निशुल्क है। यह भी ऐसे मरीज को जिला अस्पताल तक पहुंचाने में बेकार ही दिखाई दे रही है, क्योंकि एक गरीब मरीज एक रिक्शा से अस्पताल पहुंचने को मजबूर दिखाई दे रहा है। जबकि केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का निशुल्क इलाज का कार्ड बना हुआ है। अब देखना होगा कि क्या सरकार 108-102 एंम्बुलेंस को लेकर कार्रवाई करेगी या नहीं, या ऐसे गरीब लोग भटकने के लिए मजबूर होते रहेंगे।












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