हमीरपुर उपचुनाव: हरदीपक निषाद पर कांग्रेस ने लगाया दांव, अशोक चंदेल को सजा के बाद खाली हुई थी सीट
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तिथि का ऐलान होने के बाद कांग्रेस ने हरदीपक निषाद को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बता दें कि हरदीपक निषाद वर्ष 2010 से 2015 तक जिला पंचायत सदस्य पद पर भी रह चुके हैं। वह अरतरा सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े थे और जीत हासिल की थी।

कौन है हरदीपक निषाद
कांग्रेस ने रविवार को हरदीपक को अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है। तीस वर्ष हरदीपक एक युवा कार्यकर्ता हैं, उन्होंने राजनीति की शुरूआत वर्ष 2010 से कांग्रेस पार्टी से की थी। 2012 में उन्होंने सपा की सदस्यता ली और 2015 में वह फिर से सपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। तब से अब तक कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहें। बीए पास हरदीपक मूलरूप से मौदहा विकासखंड के इचौली गांव के रहने वाले हैं। पिता रामऔतार लेखपाल हैं। उपचुनाव का टिकट मिलने पर हरदीपक ने कहा कि एक कार्यकर्ता के ऊपर कांग्रेस पार्टी ने जो भरोसा जताया है वह उस पर खरे उतरेंगे।

यह है कार्यक्रम
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना 28 अगस्त को जारी होगी। उसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो चार सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच पांच सितंबर को की जाएगी। सात सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 23 सितंबर को होगा, जबकि चुनाव नतीजे 27 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।

अशोक सिंह चंदेल के जेल जाने के बाद खाली हुई थी सीट
22 साल पुराना मामला 22 साल पहले 26 जनवरी 1997 को राजीव शुक्ला के दो भाइयों व एक भतीजे सहित पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अशोक सिंह चंदेल सहित 9 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद बीजेपी विधायक चंदेल विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित हो गए। ऐसे में उनकी विधायकी भी चली गई थी। आपको बता दें कि अशोक चंदेल फिलहाल जेल में बंद हैं।












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