gwalior smart city road: सड़कों की हालत खस्ता, तैराई जा रही हैं कागज की नाव

ग्वालियर शहर की सड़कों की है जर्जर हालत, सड़कों के गड्डों में भरा है पानी ही पानी, कांग्रेस ने सड़क पर भरे पानी में चलाई कागज की नाव, स्मार्ट सिटी के नाम पर अब तक खर्च हो चुके हैं 300 करोड़ से ज्यादा रुपए

ग्वालियर, 10 अक्टूबर। मोदी सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर को भी स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल किया गया था लेकिन स्मार्ट सिटी में शामिल हो चुके ग्वालियर शहर की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि इन सड़कों पर कागज की नाव तैर रही हैं। खुद कांग्रेस नेताओं द्वारा सरकार की नाकामी को उजागर करते हुए शहर की सड़कों में मौजूद गड्ढों में भरे पानी में कागज की नाव चलाई जा रही हैं।

साल 2015 में हुआ था स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारंभ

साल 2015 में हुआ था स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारंभ

साल 2015 में मोदी सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारंभ किया गया था। स्मार्ट सिटी मिशन में 100 शहरों को शामिल किया गया था। सूची में शामिल शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना था। 100 शहरों की सूची में ग्वालियर शहर को भी शामिल किया गया था। जब ग्वालियर शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल किए जाने की खबर सामने आई थी तो ग्वालियर शहर वासी काफी खुश नजर आए थे लेकिन 7 साल का समय बीत जाने के बाद भी ग्वालियर शहर अभी स्मार्ट सिटी नहीं बन सका है।

शहर की सड़कों की हालत भी नहीं हो सकी दुरुस्त

शहर की सड़कों की हालत भी नहीं हो सकी दुरुस्त

ग्वालियर शहर स्मार्ट सिटी की सूची में तो शामिल कर लिया गया लेकिन शहर की सूरत अभी तक नहीं बदल सकी है। शहर की सबसे पहली जरूरत सड़क होती है लेकिन ग्वालियर शहर की कई सडकें अभी जर्जर हालत में हैं। सड़कों के गड्ढों में इतना पानी भरा हुआ है कि समझ नहीं आता है सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है।

कांग्रेसियों ने चलाई सड़क पर कागज की नाव

कांग्रेसियों ने चलाई सड़क पर कागज की नाव

स्मार्ट सिटी में शामिल ग्वालियर शहर की सड़कें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। इस वजह से आम नागरिकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए ग्वालियर शहर की सड़कों पर कागज की नाव चलाई। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने शहर की जर्जर हो चुकी सड़कों में भरे पानी में कागज की नाव चला कर सरकार तक यह संदेश पहुंचाया कि आप जिस ग्वालियर शहर को स्मार्ट बनाने चले हैं अभी वहां की सड़कें भी ऐसी नहीं है जिन पर पैदल चला जा सके।

अब तक तकरीबन 332 करोड़ रुपए हो चुके हैं खर्च

अब तक तकरीबन 332 करोड़ रुपए हो चुके हैं खर्च

ग्वालियर शहर को स्मार्ट सिटी में बदलने के लिए जहां केंद्र सरकार ने 196 करोड़ रुपए दिए हैं वहीं प्रदेश सरकार ने भी 200 करोड़ रुपए स्मार्ट सिटी के लिए ग्वालियर को दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकार से मिली 396 करोड़ की रकम में से अभी तक 35 प्रोजेक्ट को पूरा करने का दावा किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट में ₹332 तक खर्च हो गए हैं लेकिन शहर की सूरत अभी तक नहीं बदल सकी है। इस बात को लेकर अब कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+