Gwalior News: अतिक्रमण पर हुआ एक्शन, अब यहां चलेगा प्रशासन का बुलडोजर
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में गौशालाओं एवं चारागाह के लिए चिन्हित जमीन से अभियान बतौर अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। इस कड़ी में ग्राम पंचायत जनकपुर, लदवाया, मेहगाँव, डूंगरपुर व रतवाई ग्राम पंचायत में गौशाला व चारागाह की जमीन से बीते दिनों अतिक्रमण हटवाए गए।
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर गईं राजस्व विभाग के दलों ने यह अतिक्रमण हटवाए। गौशालाओं के विकास के लिये ग्राम बेहट, उम्मेदगढ़ व तिघरा में भी जमीन चिन्हित की गई है। जिले में राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत निराश्रित गौवंश को रखने के लिये इन गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है।

पशुओं से माल ढुलाई पर प्रतिबंध
लगातार बढ़ रहे तापमान व गर्मी को ध्यान में रखकर जिले में दोपहर 12 बजे से 4 बजे की समयावधि में पशुओं से सामग्री या सवारी इत्यादि ढोने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस अवधि में पशुओं द्वारा चलित वाहन मसलन तांगे, बैलगाड़ी, भैंसगाड़ी, ऊँटगाड़ी इत्यादि पर सामान नहीं ढोया जा सकेगा। साथ ही खच्चर, टूट्टू व गधों से भी सामान ढोने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने जिला पशु क्रूरता निवारण समिति द्वारा लिए गए निर्णय के तहत बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखकर पशुओं की रक्षा के लिये इस आशय का आदेश जारी किया है। उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ क्रूअल्टी ऑफ एनीमल एक्ट एवं नियमों के तहत यह आदेश जारी किया है, जो 30 जून तक प्रभावशील रहेगा।
लगातार जारी है कार्रवाई
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नयागाँव क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित लगभग साढ़े तीन बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। उच्च न्यायालय द्वारा रास्ता खुलवाने के संबंध में पारित आदेश के पालन में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर बुधवार को राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुँची और मशीनों के सहयोग से सरकारी जमीन से बेजा कब्जे हटवाए।
अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 4 करोड़ रूपए आंकी गई है। इस कार्रवाई से सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के साथ-साथ याचिकाकर्ता के लिये अपनी जमीन तक जाने का रास्ता भी खुल गया है।
तहसीलदर घाटीगाँव अनिल कुमार नरवरिया ने बताया कि, नयागाँव के सर्वे क्र.-199, 241, 239, 197 व 198 में स्थित सरकारी जमीन से बेजा कब्जा हटाने के लिये विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया। निर्धारित समय-सीमा में जब अनावेदकों द्वारा कब्जे नहीं हटाए गए तब राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शुक्रवार को बेदखली की कार्रवाई की गई।
नरवरिया ने बताया कि, सतेन्द्र तिवारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ग्वालियर में याचिका लगाई गई थी। जिसमें इस क्षेत्र के निवासी श्री सतेन्द्र तिवारी द्वारा उनकी जमीन की ओर जाने वाले रास्ते को खुलवाने का आग्रह किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका में दिए गए निर्णय के पालन में राजस्व विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है, इससे सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के साथ-साथ सतेन्द्र तिवारी के लिये अपनी जमीन तक जाने का रास्ता भी खुल गया है।
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