Mahashivratri: ग्वालियर के इस अनोखे मंदिर में लगती है भगवान शिव की अदालत, लोगों को मिलती है गुनाहों की माफी
अदालत में जज शिवजी होते हैं। मंदिर में हर तरह के मामलों की सुनवाई की जाती है। उसके बाद फैसला सुनाया जाता है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा शिव मंदिर है। जहां अदालत लगाई जाती है और फैसले भी होते हैं। यह मंदिर शहर से करीब 17 किमी दूर गिरगांव में स्थापित है। इसमें गवाही होती है और फैसला आने के बाद केस का निपटारा भी होता है। मान्यता है कि मंदिर में झूठ बोलने या झूठी कसम खाने वालों को भगवान किसी न किसी रूप में सजा देते हैं।
महादेव मंदिर के महंत अमरदास महाराज ने बताया कि वे कई वर्षों से मंदिर की सेवा करते आ रहे हैं। उनके पूर्वज भी इसी मंदिर में भोलेनाथ की सेवा किया करते थे। यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। मंदिर में विराजमान शिवलिंग स्वयं धरती से प्रकट हुआ। तभी से यहां पूजा की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंदिर की झूठी कसम खाने वालों को भगवान खुद सजा देते हैं। यही वजह है कि झूठे लोग सीढ़ियां चढ़ने से भी डरते हैं।
मंदिर के पुजारी भरत दास बाबा ने जानकारी दी कि यहां भगवान भोले के साथ सभी देवी-देवता भी विराजमान हैं। अगर अपराधी यहां रहता है या किसी तरह से भागने की कोशिश करता है। तो उसके साथ बुरा भी जल्दी हो जाता है। इतना ही नहीं यहां लोगों की इतनी आस्था है कि भगवान महादेव के मंदिर में न्याय पाने के लिए रोजाना करीब 20 से 30 लोगों की पंचायतें होती हैं।
भगवान भोले के इस मंदिर में आसपास के गांवों के अलावा अन्य शहरों और अन्य राज्यों से भी लोग न्याय के लिए यहां आते हैं। जिसमें मुरैना भिंड राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों से भी लोग न्याय पाने के लिए यहां आते हैं। भगवान को अपनी बात बताओ। यहां की पंचायत भगवान का फैसला सुनती है और लोग उस फैसले को सर्वमान्य मानते हैं।












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