ग्वालियर में सिंधिया ने परोसी जलेबी, इमरती ने बहाए आंसू
ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया का दिखा अलग अंदाज, अपने हाथों से परोसा खाना
ग्वालियर, 10 सितंबर। बिरला नगर के वृंदावन वाटिका में आयोजित अनुसूचित जाति सामाजिक संवाद में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने हाथों से कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भोजन परोसा। खाने की प्लेट में सिंधिया ने जलेबी भी परोसी। सिंधिया का यह अलग अंदाज देखकर लोग भी हैरान रह गए। कार्यक्रम में सिंधिया ने पूरे 3 घंटे बिताए और समाज के लोगों से वन-टू-वन चर्चा भी की। इस दौरान लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी भावुक हो गईं और उन्होंने आंसू बहाए।
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अनुसूचित जाति सामाजिक संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे सिंधिया
शनिवार को अपने तीन दिवसीय प्रवास पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे थे। यहां वे तय कार्यक्रम के तहत बिरला नगर में स्थित वृंदावन वाटिका में आयोजित अनुसूचित जाति सामाजिक संवाद में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ यहां ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर समेत जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी भी मौजूद थीं।

सिंधिया के उद्बोधन को सुनकर इमरती देवी हो गई भावुक
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समाज के लोगों को संबोधित भी किया। अपने उद्बोधन में सिंधिया ने कुछ ऐसा कह दिया जिसे सुनकर लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी भावुक हो गईं। सिंधिया ने अपने उद्बोधन में एक जगह कहा कि 'अगर मैं न रहूं'। उद्बोधन के बाद जब इमरती देवी सिंधिया के नजदीक बैठी थीं तो उनकी आंखों से आंसू टपकने लगे। यह देखकर सिंधिया ने उन्हें रोका। हालांकि वे अपने आंसुओं को नहीं रोक सकीं और वे अपने पल्लू से अपने आंसू पोंछते हुए नजर आईं।

समाज के लोगों को सिंधिया ने अपने हाथों से परोसा भोजन
कार्यक्रम में सिंधिया अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने अपने हाथों से प्लेट में भोजन लगाकर समाज के लोगों को अपने हाथों से भोजन दिया। प्लेट में मीठे के लिए सिंधिया ने विशेष तौर पर जलेबी रखी और लोगों को खाने की प्लेट अपने हाथों से दी। यह देखकर वहां मौजूद अनुसूचित जाति के लोग हैरान रह गए। सिंधिया का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब भाया और उन्होंने सिंधिया के अंदाज की जमकर तारीफ की।

समाज के लोगों से की वन-टू-वन चर्चा
तकरीबन 45 मिनट के कार्यक्रम में उद्बोधन के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अनुसूचित जाति समाज के लोगों से वन-टू-वन चर्चा भी की। इस दौरान उन्होंने कई विषयों पर समाज के लोगों से बातचीत की। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल में जातिगत हिंसा के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों पर दर्ज हुए मामलों को लेकर भी सिंधिया ने बातचीत की।

पोषण आहार पर दी प्रतिक्रिया
सिंधिया ने पोषण आहार मामले पर कहा कि कमलनाथ और कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकने की आदत समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्यान भोजन का जो विषय आया है उस पर पूर्ण कार्रवाई जब मुख्यमंत्री ने की है, जो प्रक्रिया भाजपा के शासनकाल में रखी गई थी कि सामान्य लोगों को टेंडर दिया जाए उसे बदलकर कॉन्टैक्टर को देने की प्रक्रिया कांग्रेस के शासन में शुरु हुई थी, उसी को शिवराज सिंह ने बदला, दोनों के आंकड़ो में भी अंतर है सरकार इसका विश्लेषण कर रही है, यह बात सही है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भ्रष्टाचार किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होन कहा कि कमलनाथ को अपनी 18 महीने की सरकार याद करनी चाहिए।

भारत जोड़ो यात्रा पर भी साधा निशाना
सिंधिया ने भारत जोड़ो यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपने आप को नहीं जोड़ पाई है वह कांग्रेस अब भारत जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजपथ को कर्तव्य पथ के रूप में परिवर्तित किया गया है, भारत पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है, नए सेवा भाव की क्षमताओं को हम उजागर कर रहे हैं, प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि मैं प्रधान जनसेवक के रूप में काम कर रहा हूं उन्हीं के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश हम सभी बीजेपी के कार्यकर्ता कर रहे हैं।












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