पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए शिक्षा विभाग ने शुरु किया प्रयास
ग्वालियर में सरकारी शिक्षक उन विद्यार्थियों को ढूंढने का काम कर रहे हैं जो बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐेसे विद्यार्थियों को 'आ लौट चलें' योजना क तहत आयोजित परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
ग्वालियर, 19 मई। पूरी शिक्षा लिए बिना बीच में ही पढ़ाई छोड़कर जाने वाले विद्यार्थियों को अब शिक्षा विभाग ने वापस लाने के प्रयास शुरु कर दिए हैं। शिक्षा विभाग मे पदस्थ शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों को तलाश करने में जुट गए हैं। ऐसे 2000 विद्यार्थियों की जानकारी शिक्षा विभाग के पास आ चुकी है जो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैँ।

शिक्षा विभाग ने पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों का डेटाबेस तैयार किया है। इस डेटाबेस से जानकारी मिली है कि जो विद्यार्थी हाई स्कूल या हायर सेकेंडरी परीक्षा मे अनुत्तीर्ण हो गए, उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। तैयार किए गए डेटाबेस में ऐसे 2000 विद्यार्थियों की जानकारी शामिल है। डेटाबेस में अंकित विद्यार्थियों के नाम और पते के आधार पर सरकारी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की तलाश की जा रही है।
'आ लौट चलें' योजना के तहत आयोजित परीक्षा में दिया जाएगा मौका
जून के महीने में 'आ लौट चलें' योजना के तहत परीक्षा आयोजित होने जा रही है। सरकारी शिक्षक पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें इस बात के लिए तैयार करेंगे कि वे अपने बच्चों को 'आ लौंट चलें' योजना के तहत होने जा रही परीक्षा में शामिल कर उन्हें एक बार फिर से पढ़ाई की मुख्य धारा में जुड़ने का मौका दें।
परीक्षा में शामिल होने पर नहीं लगेगा कोई भी शुल्क
'आ लौंट चलें' योजना के तहत आयोजित होने जा रही परीक्षा मे शामिल होने वाले विद्यार्थियों को कोई भी परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा। इस परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा मंडल का ही सिलेबस लागू होगा। जिन विद्यार्थियों का नाम डेटाबेस में नहीं हैं उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के प्रमाणीकरण के बाद इस परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।












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