ग्वालियर में भुगतान नहीं मिला तो अटल बिहारी वाजपेई ऑडिटोरियम पर ठेकेदार ने लगा दिया ताला
ग्वालियर में ठेकेदार ने अपना भुगतान नहीं मिलने पर अटल बिहारी वाजपेई ऑडिटोरियम पर लगाया ताला
ग्वालियर, 19 सितम्बर। ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी में स्थित अटल बिहारी वाजपेई ऑडिटोरियम पर सोमवार को ठेकेदार ने अपना ताला लगाकर उसे बंद कर दिया है। ठेकेदार का आरोप है कि उसका 35 लाख रुपए का भुगतान जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा नहीं किया गया है। कई बार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं मिला तो ठेकेदार ने सोमवार को ऑडिटोरियम पर अपना ताला लगा दिया।

सितंबर 2021 में बनकर तैयार हुआ था ऑडिटोरियम
जीवाजी यूनिवर्सिटी में सितंबर 2021 में अटल बिहारी वाजपई ऑडिटोरियम बनकर तैयार हुआ था। धूमधाम के साथ ऑडिटोरियम का शुभारंभ हुआ था। इस ऑडिटोरियम में बड़े-बड़े आयोजन किए जाते हैं। इन आयोजनों से जीवाजी यूनिवर्सिटी के प्रबंधन को मोटी कमाई भी होती है। पिछले 1 साल से इस ऑडिटोरियम में कई आयोजन किए जा चुके हैं।

ठेकेदार का नहीं हुआ 35 लाख का भुगतान
ऑडिटोरियम का निर्माण करने वाले ठेकेदार मनीष जैन का आरोप है कि उसका 35 लाख का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है और यह भुगतान जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार मनीष जैन का कहना है कि उसने ऑडिटोरियम में सीटें लगाई थी और यह भुगतान सीटों का ही बकाया रह गया है जो बार-बार मांगने के बावजूद भी नहीं मिल पा रहा है।

सोमवार को ऑडिटोरियम पहुंचकर लगा दिया ताला
जब बार-बार मांगने पर भी ठेकेदार को उसकी बकाया राशि नहीं मिली तो सोमवार को ठेकेदार मनीष जैन ऑडिटोरियम पहुंचे और यहां उन्होंने अपना ताला लगाकर ऑडिटोरियम को बंद कर दिया। मनीष जैन का कहना है कि जब तक उनका पैसा नहीं मिलेगा तब तक मैं ऑडिटोरियम का ताला नहीं खोलेंगे क्योंकि पैसा नहीं मिलने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है।

लोकायुक्त में फंसी है ऑडिटोरियम से संबंधित फाइल
ऑडिटोरियम के प्रभारी विश्वरंजन गुप्ता का कहना है कि ऑडिटोरियम से संबंधित फाइल लोकायुक्त में फंसी हुई है वहां पर अभी जांच चल रही है इसलिए जब तक लोकायुक्त से फाइल नहीं आ जाएगी तब तक ठेकेदार का भुगतान नहीं हो सकता है। ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर ऑडिटोरियम का ताला किस तरह खुलता है।












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